ब्रेकिंग
धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क... रूढ़ियों को तोड़ा: बुरहानपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी ने मां को दी मुखाग्नि, पति के सपोर्ट से निभ... उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण माह में बना नया कीर्तिमान: पहली बार 1.57 करोड़ से अधिक भक्तों ने किए ... सतना-चित्रकूट में बाढ़ का विकराल रूप: मंदाकिनी नदी उफान पर, चारों तरफ से संपर्क टूटा; NDRF व SDERF क... एम्स भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का महा-विस्तार: नवंबर से रोबोटिक सर्जरी, ₹7500 में PET-CT और फेफड़... खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तब... पन्ना में बोरवेल बना काल: 8 दिन में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत, पिता-छोटे भाई के बाद बड़े बेटे...
देश

कांग्रेस भवन में लाठी खाने वालों की गवाही पूरी, प्रमुख गवाह नदारद

बिलासपुर। कांग्रेस भवन में लाठी कांड की घटना को पूरे तीन साल हो गए हैं। इस घटना की दंडाधिकारी जांच चल रही है। अतिरिक्त कलेक्टर के कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। तीन साल बाद भी 21 पुलिस अधिकारी और कांग्रेसी नेताओं को गवाही देने की फूर्सत नहीं मिली है। राज्य की सत्ता पर कांग्रेस के काबिज होने के बाद से गवाही और प्रतिपरीक्षण का कार्य कोर्ट में चल रहा है। लगातार समंस जारी करने के बाद भी गवाही पूरी नहीं हो पा रही है। जाहिर है गवाही ना होने से प्रतिपरीक्षण का कार्य भी अटका हुआ है। पीड़ित कांग्रेसी दिग्गजों व कार्यकर्ताओं को अब भी न्याय नहीं मिल पाया है।

18 सितंबर 2018 को कांग्रेस भवन में जो हुआ वैसी घटना प्रदेश के साथ ही देश के किसी भी राज्य में राजनीतिक दलों के कार्यालय में कभी नहीं हुई। बिलासपुर के तत्कालीन एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर की अगुवाई में लाठी व डंडे से लैस पुलिस के जवानों ने कांग्रेस भवन में हमला बोल दिया। मीटिंग कर रहे पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। इस घटना में प्रदेश कांगे्रेस कमेटी के तत्कालीन महामंत्री अटल श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए।

अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चला। मारपीठ की इस घटना में 37 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को चोटें आई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीटर के जरिए इस घ्ाटना की निंदा की। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने दंडाधिकारी जांच की घोषणा करने के साथ ही कलेक्टर बिलासपुर को जांच के बिंदु तय करने व जांच अधिकारी की नियुक्ति का आदेश जारी किया। तब से लेकर आजतलक दंडाधिकारी जांच चल रही है।

कचरा ने मचाया बवाल

एक कार्यक्रम में तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने कांग्रेसियांे पर टिप्पणी करते हुए कचरा कह दिया था। नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ता 18 सितंबर 2018 को कांगे्रस भवन में एकजुट हुए और मंत्री अमर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बंगले का घेराव के लिए कांग्रेस भवन से सिविल लाइन की तरफ कूच कर किया। कुछ कांग्रेसजनों ने उनके बंगले में कचरा फेंक दिया। आंदोलन के बाद कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता कांग्रेस भवन पहुंंचे व मीटिंग करने लगे। एडिशनल एसपी चंद्राकर की अगुवाई में पदाधिकारी व कार्यकर्ताआंे पर पुलिस ने जमकर लाठी मारी।

इनकी अब तक नहीं हो पाई गवाही

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी, विक्की आहूजा, पार्षद विष्णु यादव,गोपाल दुबे, भरत जुरयानी,दिनेश सीरिया,कप्तान खान, मुकेश साहू, सीमा सोनी,राकेश सोनकर ,स्वाती रजक, तत्कालीन एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर, सीएसपी सिटी कोतवाली विश्व दीपक त्रिपाठी,नगर पुलिस अधीक्षक एसएस पैकरा, तोरवा थाना प्रभारी प्रवीण सहित अन्य पुलिस के अधिकारी।

Related Articles

Back to top button