ब्रेकिंग
सनातनी विनोद कुमार बिंदल के सान्निध्य में रामलीला का समापन, दशहरा पर रावण दहन और श्रीराम के राज्याभि... US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के...
देश

तकनीकी खामी के बाद आशीष मिश्रा की पुलिस रिमांड पर सुनवाई शुरु, मांगी गई 14 दिन की रिमांड

लखनऊ। लखीमपुर खीरी में अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की जयंती के एक दिन बाद हिंसा में चार किसान सहित आठ लोगों की मृत्यु के मुख्य आरोपित केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मोनू पर शिकंजा कसता जा रहा है। शनिवार देर रात गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए आशीष मिश्र मोनू की पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई शुरु है।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि आशीष मिश्रा उफ मोनू से पुलिस लगातार 12 घंटे तो पूछताछ कर चुके हैं। पुलिस अब और क्या पूछताछ करना चाहती है। आशीष में बचाव पक्ष का आरोप है कि आप बताएं कि उन्होंने किस तरह जांच में सहयोग किया है। आशीष तो 12 घंटे में सिर्फ 40 सवालों का ही जवाब दे सके।

लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आशीष मिश्रा मोनू को पुलिस रिमांड पर लेने की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर दिन में दो बजे शुरू हो गई। शासन की ओर से अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव लखीमपुर पहुंचे। वह इस हिंसा के मामले में अभियोजन की ओर से अदालत से आशीष मिश्र मोनू को पुलिस रिमांड पर देने की अपील कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी में हिंसा के मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा मोनू को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कवायद के दौरान सीजेएम कोर्ट के सामने अधिवक्ताओं के साथ मीडिया की काफी भीड़ है। सीजेएम कोर्ट में चल रही इस कार्रवाई में प्रदेश सरकार की ओर अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव पक्ष रखे रहे हैं, जबकि आरोपित पक्ष से फौजदारी के अधिवक्ता अवधेश सिंह है। कोर्ट में काफी गहमा गहमी है।

आशीष मिश्रा मोनू जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। इस दौरान सीजेएम ने नाम पूछा, लेकिन उधर से कोई आवाज नहीं आई। कॉन्फ्रेंसिंह तकनीकी समस्या के कारण बाधित है। मोनू मिश्रा की आवाज नहीं आ रही है। सीजेएम के साथ वार्ता के दौरान आशीष मिश्रा की आवाज नहीं आ रही है। इस परेशानी को देखकर सीजेएम कोर्ट छोड़कर चले गए हैं। उनका स्टाफ तकनीकी समस्या को दुरुस्त करने में लगा है। वादी मुकदमा की तरफ से मोहम्मद ख्वाजा एडवोकेट ने वकालतनामा दाखिल किया है। प्रदेश पुलिस दिन में दो बजे आशीष मिश्रा टेनी को आज सीजेएम कोर्ट में पेश करेगी। इस पेशी को देखते हुए लखीमपुर खीरी के जिला जेल के साथ ही कोर्ट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस आशीष मिश्रा की कम से कम 14 दिन की रिमांड चाह रही है। अपने मांग पत्र में भी पुलिस ने इसको लिखा है

आशीष मिश्रा मोनू से लखीमपुर खीरी पुलिस के साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआइटी ने शनिवार को करीब 12 घंटा पर पूछताछ की, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आ सका। अब पुलिस का प्रयास मोनू को अपनी कस्टडी में लेने का है। जिससे कि उससे सख्ती से पूछताछ कर इस बड़े कांड का सामने ला सके। आज मोनू की कचहरी में पेशी को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त की गई है। आज शहर में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसमें भी कचहरी तथा आसपास क्षेत्र में पीएसी व आरएएफ के जवान भी लगाए गए हैं। देश की नजर लखीमपुर खीरी कांड की उस तफ्तीश पर है, जिसमें यह साबित होने वाला है कि उन पर लगाए गए आरोप कितने सटीक हैं और वह घटना के वक्त कहां थे। आशीष मिश्रा मोनू की कस्टडी रिमांड को देखते हुए यहां पर शासन से अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव को भेजा गया है

आशीष मिश्रा की पुलिस रिमांड के बाद से माना जा रहा है कि उसके ऊपर लगे आरोपों की तस्वीर थोड़ा और साफ होगी। अभियोजन पक्ष अदालत से आशीष मिश्रा की पुलिस कस्टडी रिमांड मांग चुका है। इस पर सीजेएम कोर्ट में सोमवार को दोपहर में दो बजे से सुनवाई होगी। अगर आशीष मिश्रा की पुलिस कस्टडी मिल जाती है तो लखीमपुर खीरी हिंसा में उसके ऊपर लगे आरोपों की तस्वीर और साफ होगी। इसके साथ साथ ही आरोपित पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही एसआइटी

लखीमपुर खीरी के केस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से अब इसकी जांच कर रही एसआइटी विवेचना के हर हिस्से में बहुत संभालकर रख कदम बढ़ा रही है। जांच एजेंसी को भय है कि किसी कमजोर साक्ष्य की वजह से उसकी कोई किरकिरी न हो जाए। विपक्ष और पीडि़त परिवारों को कोई ऐसा मौका न मिल जाए, जिससे यह मामला कोई नया मोड़ ले ले। पुलिस लाइन के क्राइम ब्रांच आफिस में खीरी कांड के मुख्य आरोपित केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू को शनिवार एसआइटी ने सुबह करीब 10:40 मिनट पर हिरासत में लिया गया। उसके बाद उससे पूछताछ का जो सिलसिला शुरू हुआ वो 12 घंटे तक चला। रात ठीक 10:40 बजे एसआइटी के प्रभारी डीआइजी उपेंद्र अग्रवाल मीडिया के सामने आए और जांच व पूछताछ में सहयोग न करने के कारण आशीष मिश्रा मोनू को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। उसके बाद चिकित्सीय परीक्षण की तैयारी की जाने लगी

एसआइटी के इस रवैये से साफ हो गया कि बेगुनाही के जो सबूत आशीष मिश्रा लेकर के आए थे वो काम नहीं आए। अब एसआइटी ने वह सभी साक्ष्य संकलित करने शुरू कर दिए, जिससे यह साबित होगा कि लखीमपुर खीरी कांड में आरोपित आशीष मिश्रा की भूमिका इस मामले में संदिग्ध है और इसके और अधिक साक्ष्य संकलन की जरूरत है। अब यह भी तय है कि इस कांड से जुड़े सभी इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को एसआइटी फारेंसिक जांच कराए बिना अपना साक्ष्य नहीं बनाएगी।

Related Articles

Back to top button