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दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की छत्‍तीसगढ़ सरकार ले रही खोज-खबर

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्‍न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की खोज-खबर ले रही है। नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में राज्य सभी नगरीय निकायों के प्रमुखों को पत्र लिखकर रिपोर्ट तलब की है। निकायों के प्रमुखों को उनके यहां कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या सात दिन के भीतर बताने के लिए कहा गया है। सरकार की इस पहल से नियमितीकरण की राह देख रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की उम्मीद जाग गई है।

बता दें कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया है। राज्य में करीब साढ़े 17 हजार दैनिक वेतनभोगी और करीब 30 हजार संविदा कर्मचारी है। जो सरकार बनने के बाद से नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि इनका संगठन छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयार किए जाने को लेकर ज्यादा खुश नहीं हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढपाले का कहा कहना है कि कांग्रेस को सत्ता में आए करीब तीन साल हो रहे हैं। अब तक नियमितीकरण को लेकर ठोस कुछ नहीं हुआ है। केवल कमेटी बन रही और जानकारी एकत्र की जा रही है। इससे आगे कुछ नहीं हो रहा है।
सीएम ने कहा है नहीं होगी किसी की छंटनी
जुलाई में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा है कि अनियमित, संविदा, और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को रिक्त पद पर नियमितीकरण की कार्यवाही की जाएगी। किसी की भी छंटनी नहीं की जाएगी। नियमितीकरण के संबंध में प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
केवल दैनिक वेतनभोगी की मांगी गई रिपोर्ट
नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक ने नगरीय निकायों को प्रमुखों से केवल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या बताने को कहा है। इसमें प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को शामिल नहीं करने के लिए कहा गया है।
मार्च 2019 में बनी थी कमेटी
दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के वादे को पूरा करने के लिए सरकार ने मार्च 2019 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह आरपी मंडल की अध्यक्षता एक कमेटी का गठन किया। मंडल के मुख्य सचिव बनने के बाद 11 दिसंबर 2019 को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में अधिकारियों की पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की जनवरी 2020 में एक बैठक हुई है।

अब तक 36 में से करीब 15 वादे पूरे
कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र में 36 वादे किए थे। अब तक इसमें से करीब 15 वादे पूरे किए जा चुके हैं। इसमें किसानों की कर्ज माफी, 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महिला स्व-सहायता समूहों की कर्ज माफी, टाटा से किसानों की जमीन वापसी, आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा का वितरण और बिजली बिल हाफ आदि शामिल है।

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