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लखीमपुर में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी हुए सक्रिय

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लखीमपुर में किसान राजनीति करना अब भारी पड़ने लगा है। भारतीय किसान संघ ने छत्तीसगढ़ में बीते ढाई वर्ष के दौरान कर्ज और अकाल से परेशान 200 के करीब किसानों के स्वजनों व आश्रितों को मुआवजा देने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को पत्र लिखकर मृत किसानों के स्वजनों को 50-50 लाख रुपये आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि छग के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में जाकर जब वहां के किसान और परिवार के प्रति संवेदना जता सकते हैं तब तो गृह प्रदेश में भी यही भूमिका उनको निभानी चाहिए।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी के साथ लखीमपुर के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने मृत किसानों के स्वजनों को 50-50 लाख स्र्पये आर्थिक सहायता छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से देने का वायदा करके आए थे। उनकी यह घोषणा और राजनीतिक फायदे के लिए किए गए वायदे अब भारी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय किसान संघ ने ढाई साल के दौरान कर्ज और अकाल से परेशान मृत किसानों के स्वजन को लखीमपुर की तर्ज पर 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

भारतीय किसान संघ ने प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों को पत्र लिखकर ढाई साल के दौरान उनके जिले में निवासरत ऐसे किसान जिन्होंने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है उनकी विस्तृत जानकारी मंगाई है। इसमें मृत किसान का नाम, कृषि भूमि व परिवार के सदस्यों की संख्या और आय का प्रमुख जरिया के अलावा मृत किसान अपने परिवार का मुखिया था क्या और परिवार का भरणपोषण उनकी जिम्मेदारी थी क्या। इस बात की विशेष जानकारी मंगाई जा रही है। यह भी पता करने कहा गया है कि उस परिवार की मौजूदा पारिवारिक और आर्थिक स्थिति कैसी है।

मुआवजे की मांग को लेकर बन रही रणनीति

मृत किसानों के स्वजनों को 50-50 लाख स्र्पये मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश किसान संघ के पदाधिकारियों की बड़ी रणनीति बन रही है। प्रदेशभर के ऐसे किसानों की सूची जुटाने के बाद हमलावर रूख अख्तियार करने की चर्चा है। किसानों के मुद्दे पर सहानुभूति जुटाने के साथ ही राज्य सरकार खासकर मुख्यमंत्री बघेल को लखीमपुर की राजनीति के बहाने घेरने की कोशिश शुरू हो गई है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी किसानों के मुद्दे को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।

प्रदेश कार्यालय से मृत किसानों की सूची के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाने का निर्देश मिला है। हमने अपना काम प्रारंभ कर दिया है। किसानों की सूची बनाने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। जल्द ही सूची प्रदेश कार्यालय को भेज दी जाएगी।

धीरेंद्र दुबे-जिलाध्यक्ष,भारतीय किसान संघ बिलासपुर

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