युवाओं की टोली शहर की खूबसूरती पर लगा रही चार चांद

रायपुर। नेता जी का जन्मदिन या फिर सादी की सालगिरह आते ही उनके समर्थक बधाई संदेश से राजधानी की दीवारें पाट देते हैं। नेता जी का जन्मदिन खत्म होने के बाद भी पोस्टर नहीं निकाले जाते। जिससे राजधानी की खूबसूरती पर दाग लग रहा है। वहीं मामला रसूखदार से जुड़ा होने की वजह से निगम प्रशासन भी चाह कर भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर पाता। इससे बधाई संदेश के पोस्टर महीनों दीवारों पर लगे रहते हैं।
मगर, अब राजधानी की खूबसूरती को चार चांद लगाने के लिए युवा आगे आ रहे हैं। युवाओं ने दीवारों पर लगे पोस्टर को साफ करने का जिम्मा उठाया है। वह राजधानी की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए प्रतिदिन सुबह शाम मेहनत कर रहे हैं। युवाओं द्वारा अब तक सरकारी संपत्तियों जैसे यात्री प्रतिक्षालय, दिशा पटल, सूचना पटल और डिवाइडर एवं एक आधा दर्जन से अधिक कालोनियों की दीवारों में चिपकाए हुए गैर सरकारी पोस्टर हटाने का काम कर रहे हैं।
कुछ फर्ज हमारा भी नामक संस्था के अध्यक्ष नितिन सिंह राजपूत ने बताया कि 23 मई 2018 को संस्था की शुरुआत की। संस्था के माध्यम से लगातार सामाजिक काम किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले स्टेशन से गुजर रहा था तो देखा कि ज्यादातर दीवारों पर बधाई और सालगिरह के बैनर पोस्टर लगे थे। पोस्टर काफी पुराना था जिससे दीवारें काफी गंदी लग रही थी। उसके बाद अपने दोस्तों से चर्चा करके एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया।
ग्रुप के सदस्य जिस रास्ते से गुजरते हैं, यदि उनको दीवारों पर पोस्टर चस्पा नजर आता है, तो वाट्सअप ग्रुप में डाल देते हैं उसके बाद सुबह पूरा ग्रुप पहुंचकर दीवारों को साफ करने का काम करता है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान में भारत का अर्थ अपने घर से है। हर युवा चाहता है कि उसका घर साफ हो। जब वह अपने घर को साफ रख सकता तो है अपनी गली, मोहल्ले व शहर को साफ क्यों नहीं रख सकता? स्मारिका राजपूत ने कहा कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी हो कि वह अपनी गली-मुहल्ले में गंदगी न होने दे।
शहर को सुंदर बनाने उठाया बीड़ा
कुछ फर्ज हमारा भी संस्था के माध्यम से युवाओं ने शहर को पोस्टर मुक्त बनाने की मुहिम छेड़ी है। समूह में स्मारिका राजपूत, भीम यादव, अमितेष तिवारी, जितेश छाबड़ा, सुषमा सोना, भूपेन्द्र देवांगन, अजय प्रकाश शर्मा, अनिकेत सोनी, राज साहू, विनायक सोनी, मुकेश यादव आदि युवा अलग-अलग काम करते हैं।
पोस्टर निकालो अभियान नामक वाट्सअप ग्रुप बना है, ग्रुप में कौन से मोहल्ले या फिर डिवाइडर पर लगे पोस्टर को हटाना है इसका मैसेज आ जाता है उसके बाद टीम के लोग सुबह इकट्ठा होकर पोस्टर निकालने के लिए निकल जाते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह से हम अपने घर को स्वच्छ और सुंदर बनाते है ठीक इसी तरह हमें अपने शहर को भी साफ सुथरा रखना चाहिए।
जानिये क्या है कार्रवाई का नियम
नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत स्थानीय निकाय पोस्टर लगाने वालों को चिह्नित कर चालान बना सकता है। इसमें पहली बार एक माह तक की सजा और 100 से एक हजार रुपए तक जुर्माना। दूसरी बार पकड़े जाने पर दो माह की सजा और दो हजार रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है।






