वित्तीय गड़बड़ी के आरोप पर भटभेरा में जांच शुरू

हथबंद। ग्राम पंचायत भटभेरा में विकास कार्य के दौरान 14 वें एवं 15वें वित्त की राशि के खर्च में की गई अनियमितता को लेकर जांच की मांग करते हुए विगत दिनों क्षेत्रीय जनपद सदस्य उमा अनंत ने जनपद पंचायत सिमगा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कक्ष में धरना दिया था। उन्होंने बताया था कि बार-बार जांच की मांग किए जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने के कारण मजबूर होकर मुझे धरना देना पड़ रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकार एवं अनुविभागीय अधिकारी के आश्वासन के बाद उनका धरना समाप्त किया गया था। जिसके बाद 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तीन जांच अधिकारी प्रेम कुमार राय करारोपण अधिकारी, दुर्गेश साहू करारोपण अधिकारी, गुलशन कुमार चंद्राकर तकनीकी सहायक की नियुक्ति जांच के लिए की गई है।
बता दें कि ग्राम पंचायत भटभेरा में तीसरी बार जांच अधिकारी पहुंचे थे जो ग्राम पंचायत भटभेरा के पंचायत भवन में विगत 3 वर्षों में किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा की जांच कर रहे थे। जांच अधिकारी प्रेम कुमार राय ने बताया कि पंचायत के अभिलेखों की जांच पड़ताल करने में काफी समय लगेगा। उसके पश्चात भौतिक सत्यापन किया जाएग जांच रिपोर्ट उधा अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। कार्यवाही का अधिकार उधा अधिकारियों को है।
ग्राम पंचायत भटभेरा के सचिव सरवण वर्मा ने कहा कि आज जांच में आए जांच अधिकारी तीसरी बार ग्राम पंचायत भवन में पहुंचे हैं जहां ग्राम पंचायत के संपूर्ण रिकॉर्ड दस्तावेज अभिलेखों की जांच की जा रही है। आज भी जांच अधिकारी शिकायतकर्ता को संतुष्ट नहीं कर पाए और जांच पूरा नहीं हुआ। हमारे ऊपर लगाए गए आरोप ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड के अनुसार बेबुनियाद और गलत है। वहीं शिकायतकर्ता जनपद सदस्य उमा अनंत ने कहा कि मेरे द्वारा जो जानकारी मांगी गई है वह मुझे नहीं दे रहे हैं। जांच अधिकारी के द्वारा रजिस्टर और अभिलेखों की जांच की जा रही है भौतिक सत्यापन अभी हुआ नहीं है। मेरी मांग है कि मुझे मस्टररोल निविदा और प्रतिवेदन दिखाया जाए जो अभी तक मुझे नहीं दिखाया जा रहा है। मैने किसी भी अधिकारी के ऊपर कोई आरोप नहीं लगाया है। अभी आरोप केवल सरपंच और सचिव के ऊपर लगा है।
गांव में विकास कार्य ठप
यहां बताना आवश्यक है कि जांच कार्य के कारण ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार का कोई भी विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। विगत तीन माह पूर्व की गई जांच की मांग को लेकर विकास कार्य वैसे ही ठप है तथा किसी भी प्रकार के नए कार्य या स्वीकृत कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। इसके पूर्व भी तीन बार जांच अधिकारी भटभेरा ग्राम पंचायत जांच के लिए पहुंचे थे किन्तु नतीजा शून्य हा। जांच अधिकारियों के जाने के पश्चात दोनों पक्ष के ग्रामीण आपस में भिड़ गए। आरोप-प्रत्यारोप करते आपस में ही लड़ने झगड़ने लग गए, महौल बिगड़ गया था जिसे शांत कराया गया।






