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इमरान सरकार ने इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण पर लगाई रोक, रद किया भूमि का आवंटन

नई दिल्ली। पाकिस्तान के राजधानी विकास प्राधिकरण (सीडीए) ने इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण के लिए आवंटित भूमि का आवंटन रद कर दिया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, सीडीए के वकील जावेद इकबाल ने इस्लामबाद हाई कोर्ट को सोमवार को बताया कि कैबिनेट द्वारा राजधानी के हरित क्षेत्र में नए निर्माण पर रोक लगाए जाने के बाद मंदिर के लिए आवंटित भूमि का आवंटन रद कर दिया गया है।

सीडीए ने अल्पसंख्यक समुदाय की मांग पर सेक्टर एच-9/2 में मंदिर निर्माण के लिए भूमि का आवंटन किया था। उस भूमि पर मंदिर, सामुदायिक भवन व शवदाह गृह का निर्माण किया जाना था। पिछले साल जुलाई में सुनवाई के दौरान सीडीए के शहरी नियोजन निदेशक ने कोर्ट को बताया था कि आवंटन की प्रक्रिया वर्ष 2016 में शुरू हुई थी।

उन्होंने बताया था कि भूमि का आवंटन धार्मिक मामलों के मंत्रालय, विशेष शाखा व इस्लामाबाद प्रशासन से परामर्श के बाद किया गया था। मंदिर आदि के निर्माण के लिए वर्ष 2017 में 3.89 कनाल (0.48 एकड़) भूमि आवंटित की गई थी और वर्ष 2018 में उसे हिंदू पंचायत को सौंपा गया था।

मानवाधिकार आयोग (एचआरसी) के सदस्य कृष्ण शर्मा के अनुसार, इस्लामाबाद और इसके बाहरी इलाके में लगभग 3,000 से ज्यादा हिंदू परिवार रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके पास एक उचित जगह की कमी है जहां वे होली और दिवाली जैसे धार्मिक कार्यक्रम मना सकें या शादियों या अंतिम संस्कार का आयोजन कर सकें।

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