ब्रेकिंग
Tamil Nadu Government Jobs: टीवीनके सरकार का बड़ा फैसला, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऊपरी आयु सीमा मे... Rajasthan Education News: मदन दिलावर के फरमान से सरकारी टीचर्स की बढ़ी मुश्किलें, बिना बजट दीपावली प... UP PCS Transfer News: पीलीभीत में वोटर लिस्ट गड़बड़ी मामले के बाद दो SDM समेत 11 पीसीएस अधिकारियों क... Mumbai Model Honey Trap Case: मशहूर मॉडल पर कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर 1.39 करोड़ रुपये वसूलने... Lucknow Murder Case: RSS कार्यकर्ता समेत परिवार के 3 सदस्यों की हत्या पर गरमाई सियासत, DGP और ACS हो... Lucknow Terror Plot Busted: यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर रची जा रही टारगेट किलिंग की ... Chamoli Helicopter Crash: बदरीनाथ से लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लो... Hisar Murder News: HAU लेबर कॉलोनी में 20 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या, सिर पर ईंट-रॉड से वार कर उ... Haryana Crime News: कुरुक्षेत्र फायरिंग कांड में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, मुख्य आरोपी रिमांड पर औ... Ballabgarh News: बल्लभगढ़ की गली में दो सांडों की खौफनाक लड़ाई का वीडियो वायरल, जान बचाने के लिए घरो...
देश

कोरोना से लेकर DRUG मामले और भाजपा के हमलों से इस साल जूझती रही उद्धव सरकार

महाराष्ट्र में शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस की गठबंधन सरकार ने इस साल कुछ मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच कोरोना वायरस महामारी और भाजपा के राजनीतिक हमलों का सामना किया। अनिल देशमुख ने अप्रैल में गृह मंत्री के पद से उस समय इस्तीफा दे दिया था जब मुंबई के तत्कालीन पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह ने दावा किया कि राकांपा नेता ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से शहर में बार, रेस्त्रां तथा अन्य प्रतिष्ठानों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था। शिवसेना नेता संजय राठौड़ ने पुणे में एक महिला की मौत से कथित संबंधों को लेकर जांच के घेरे में आने के बाद फरवरी में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। अब जब यह साल अपने अंतिम चरण में है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 19 दिसंबर को पुणे में राज्य की महा विकास आघाडी सरकार की तुलना एक ऑटो रिक्शा से की। उन्होंने कहा, ‘‘ऑटो रिक्शा के तीन पहिए (तीन दल) अलग-अलग दिशा में होते हैं और पंक्चर होने पर वे आगे नहीं बढ़ सकते। यह केवल धुआं करता है और प्रदूषण बढ़ाता है।”

शिवसेना पर निशाना साधते हुए शाह ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी पर महज मुख्यमंत्री बनने के लिए ‘‘हिंदुत्व से समझौता” करने का आरोप लगाया। राज्य में इस साल की शुरुआत कारोबारी मनसुख हिरेन की फरवरी में सनसनीखेज हत्या के साथ हुई थी जिनकी कार उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के सामने खड़ी मिली थी जिसमें विस्फोटक और एक धमकी भरा पत्र रखा हुआ था। कुछ दिन बाद हिरेन का शव ठाणे के मुंब्रा क्रीक में मिला था। इस मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए लोगों में वाजे भी शामिल है। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा मादक पदार्थ के एक मामले में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक घमासान पैदा कर दिया था। राकांपा के मंत्री नवाब मलिक ने एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ कई आरोप लगाए। आर्यन पर मादक पदार्थ लेने और उसका वितरण करने का आरोप है। बहरहाल, एजेंसी अदालत में आरोपों को साबित करने में नाकाम रही और आर्यन को जेल में 26 दिन बिताने के बाद जमानत दे दी गयी। बाद में आर्यन को एनसीबी कार्यालय में हर शुक्रवार को पेश होने की अनिवार्यता से भी छूट दे दी गयी। मलिक ने एनसीबी के मंडल निदेशक वानखेड़े पर फिरौती के लिए आर्यन का अपहरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वानखेड़े ने अनुसूचित जाति के आरक्षण के तहत नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी जाति प्रमाणपत्र दिया।

इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुंबई दौरा भी काफी चर्चा में रहा। बनर्जी ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘संप्रग क्या है? अब कोई संप्रग नहीं है। हम एक साथ मिलकर इस पर फैसला करेंगे।” हालांकि, पवार ने इस पर सधा हुआ रुख अपनाते हुए कहा, ‘‘किसी को भी बाहर रखने का कोई सवाल नहीं हे। जो भी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ है उनका हमारे साथ आने के लिए स्वागत है। अहम बात सभी को एक साथ लेकर चलना है।” वहीं, मुंबई में बनर्जी से मुलाकात करने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत ने बाद में दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा से मुलाकात की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जुलाई में एक चीनी मिल की 65 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के मामले ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। यह मिल उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर जुड़ी है। उद्धव ठाकरे को 12 नंवबर को एक सर्जरी कराने के बाद इस महीने की शुरुआत में मुंबई के एक अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी। उन्होंने अस्पताल से मंत्रिमंडल की दो बैठकों और कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के सामने आने से संबंधित बैठक की अध्यक्षता की। कोरोना वायरस की दूसरी लहर राज्य के लिए सिरदर्द साबित हुई। इसी दौरान अस्पतालों में आग लगने और महिलाओं के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं भी सामने आयी। भाजपा के कई नेताओं ने ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार के पतन की घोषणाएं की और कुछ ने तो सटीक तारीखें भी दी लेकिन शरद पवार इसे नजर अंदाज करते दिखे।

इसके अलावा राज्य सरकार ने 2021 में चक्रवात ताउते, कोंकण बाढ़, ओबीसी और मराठा आरक्षण गतिरोध और एमएसटीआरसी कर्मियों की हड़ताल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी सामना किया। इस साल पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को अन्य भाजपा नेताओं भारती पवार, भागवत कराड और कपिल पाटिल के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली। भाजपा नेता विनोद तावड़े को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया गया। राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली अपनी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया था। राणे ने कहा था, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री आजादी का वर्ष नहीं जानते हैं। वह अपने भाषण के दौरान आजादी के वर्षों की गिनती के बारे में पूछने के लिए पीछे मुड़े थे। अगर मैं वहां होता तो मैं उन्हें कसकर एक थप्पड़ लगाता।” राणे को उनकी विवादित टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया गया और शिवसेना तथा भाजपा कार्यकर्ताओं की राज्य के कई स्थानों पर झड़पें हुईं।

इस साल शिवसेना के उम्मीदवार अकोला-वाशिम-बुलढ़ाणा स्थानीय निकाय सीट और अमरावती टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी का चुनाव हार गए। राकांपा पंढरपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से हार गयी जबकि कांग्रेस ने उपचुनाव में देगलूर विधानसभा सीट फिर से हासिल कर ली। राज्य में विधानसभा अध्यक्ष का पद इस साल फरवरी से खाली पड़ा है। 2019 से इस पद पर रहने वाले नाना पटोले ने फरवरी में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख का पदभार संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। महाराष्ट्र में सबसे लंबे वक्त तक विधायक रहे और पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के वरिष्ठ नेता गणपतराव देशमुख का 31 जुलाई को सोलापुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 1962 से 11 बार सोलापुर जिले की संगोला सीट से विधायक रहे और 54 वर्षों तक राज्य में विधायक रहे। कांग्रेस सांसद राजीव सातव का भी कोरोना वायरस से स्वस्थ होने के बाद 16 मई को पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 22 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और बाद में एक नए वायरल संक्रमण से पीड़ित पाए गए थे।

Related Articles

Back to top button