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रायपुर जंगल सफारी की बसें कंडम, नए साल में पर्यटकों को घूमने में होगी दिक्कत

रायपुर। नए साल के आगाज पर जंगल सफारी घूमने वाले पर्यटकों के जश्न में खलल पड़ सकती है, क्योंकि बजट के अभाव में सफारी प्रबंधन द्वारा बसों की मरम्मत का कार्य अभी तक नहीं कराया गया है। बसों की मरम्मत के नाम पर अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं। इसका नतीजा यह है कि जंगल सफारी पहुंचने वाले पर्यटक मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।

खाली लौटने वाले पर्यटक सफारी के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार भी कर रहे हैं। नए साल में जंगल सफारी अधिक संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति होती है, लेकिन बस न होने से जहां पर्यटक सफारी नहीं देख पा रहे हैं, वहीं शासन को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। सफारी प्रबंधन का कहना है कि जंगल सफारी की बस, जो विभाग में चल रही है, उसे सफारी भेजा जाएगा। इसके साथ ही बसों का मरम्मत कार्य भी कराया जाएगा

ज्ञात हो कि एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जंगल सफारी मेें कोरोना संक्रमण से पहले एक दिन में चार हजार से अधिक पर्यटक आते थे। सफारी में पर्यटकों के लिए 24 बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान देश भर में लाकडाउन के चलते सफारी को बंद कर दिया गया था। इस दौरान सफारी में खड़ी बसें कबाड़ हो गईं। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद सफारी में धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अवकाश के दिन सफारी में प्रतिदिन तीन से चार हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं। दूरदराज से आने वाले पर्यटकों को सफारी पहुंचने के बाद पता चलता है कि बस खराब है, इसलिए सिर्फ 12 सौ पर्यटकों को ही घुमाया जा रहा है

आय से दो गुना ज्यादा खर्च

जंगल सफारी से मिली जानकारी के मुताबिक जंगल सफारी में 260 कर्मचारी काम कर रहे हैं। जंगल सफारी में वेतन से लेकर वन्यजीवों के खानपान को मिलाकर कुल एक माह में 23 लाख रुपये खर्च हो रहे हंै। वर्तमान में सिर्फ 12 लाख रुपये महीने का है। सफारी को 11 लाख रुपये का घाटा हर माह हो रहा है। इसकी वजह है कि बस खराब होने से आधे से ज्यादा पर्यटक रोजाना वापस लौट रहे हैं। इससे सफारी का कोष भर नहीं पा रहा है। सफारी प्रबंधन द्वारा बसों की मरम्मत के लिए 40 लाख का बजट बनाकर भेजा था। शासन ने 26 लाख रुपये पास भी कर दिया था, लेकिन तकनीकि खामी बताकर उसे वापस ले लिया। इस कारण बस की मरम्मत नहीं हो पा रही है। सिर्फ चार बस से ही पर्यटकों को घुमाया जा रहा है।

सफारी की पांच बस चल रही मुख्यालय

जंगल सफारी में कुल 24 बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन वन विभाग ने पांच बसों को सफारी से मुख्यालय में लगा दिया था। सफारी की मुख्यालय के कर्मचारियों की सेवा दे रही हंै और सफारी से पर्यटक वापस जा रहे हैं। मुख्यालय ने बसों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया। नए साल पर मुख्यालय से सफारी के लिए पांच बसें भेजने की तैयारी की जा रही है। अभी चार चल रही हैं।

खराब बसों की कराई जाएगी मरम्मत

जंगल सफारी की पांच बसें मुख्यालय में चल रही हैं। उन बसों को जल्द ही सफारी में भेज दिया जाएगा। बाकी बसों का मरम्मत कार्य भी कराया जाएगा।

-पीवी श्रीनिवास, पीसीसीएफ वन्यजीव प्राणी

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