ब्रेकिंग
Indore Spiritual Update: 81 साल बाद बना ऐसा अद्भुत योग, शहरभर में 1200 से अधिक स्वजन करेंगे पूर्वजों... MP Crime Update: बैसाखी के सहारे एसपी कार्यालय पहुंचे घायल ग्रामीण, पुलिस पर मामले में गंभीर धाराएं ... Indore Cyber and Police Update: खजराना थाना पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, गुम हुए महंगे स्मार्टफोन उन... MP Conversion Case: दमोह में एक ही परिवार की आईडी से जुड़े बच्चों के नाम, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दब... Uttar Pradesh Teacher Suspended: इटावा में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की करतूत, छात्र का मजाक उड़ाने ... RTU Kota News: हॉस्टल में बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत पर बवाल, पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर किया ... Madhya Pradesh News: कार्य में गंभीर उदासीनता पर गिरी गाज, बड़वानी में कलेक्टर के निर्देश पर सख्त का... IMD Weather Forecast: उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य के मौसम का हाल Bhopal Police Action: नई साइट दिखाने के बहाने किडनैपिंग, आरोपियों ने खाते में ट्रांसफर करवाए 50 हजार... Panna Sidhi Train Service: पश्चिम मध्य रेल ने भेजा प्रस्ताव, विंध्य के इन दो जिलों में जल्द शुरू होग...
देश

वरलक्ष्मी व्रत 2019: ऐसे करें मां लक्ष्मी की पूजा और सुने ये कथा

हिन्दू धर्म में हर एक व्रत का अपना महत्व होता है। जिसका सभी पालन कर कई संकटों से मुक्त और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बता दें आज 9 अगस्त के दिन वरलक्ष्मी व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को पवित्र माना जाता है और ऐसे में इस दिन पूजा के बाद यह कथा सुननी चाहिए, आइए जानते हैं कौन सी है वह कथा-

वरलक्ष्मी व्रत कथा क्या है – पौराणिक कथा के अनुसार एक बार मगध राज्य में कुंडी नामक एक नगर हुआ करता था। कथानुसार कुंडी नगर का निर्माण स्वर्ग से ही हुआ था। इस नगर में एक ब्राह्मणी नारी चारुमति अपने परिवार के साथ रहती थी। चारुमति कर्त्यव्यनिष्ठ नारी थी जो अपने सास, ससुर एवं पति की सेवा और मां लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना कर एक आदर्श नारी का जीवन अच्छे से व्यतीत करती थी।

एक रात की बात है जब चारुमति को मां लक्ष्मी स्वप्न में आकर बोली, चारुमति हर शुक्रवार को मेरे निमित्त मात्र वरलक्ष्मी व्रत को किया करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हे मनोवांछित फल की प्राप्ति अवश्य होगी। फिर क्या अगले ही सुबह चारुमति ने मां लक्ष्मी द्वारा बताये गए वर लक्ष्मी व्रत को समाज के अन्य नारियों के साथ विधिवत पूजन किया। पूजन के संपन्न होने पर सभी नारियां कलश की परिक्रमा करने लगीं, परिक्रमा करते समय समस्त नारियों के शरीर विभिन्न स्वर्ण आभूषणों से सज गए। और तो और उनके घर भी स्वर्ण के बन गए तथा उनके यहां घोड़े, हाथी, गाय आदि पशु भी आ गए। सभी नारियां चारुमति की प्रशंसा करने लगीं, क्योंकि वह चारुमति ही थी, जिसने उन्हें इस व्रत विधि के बारे में बताया था। कालांतर में यह कथा भगवान शिव जी ने माता पार्वती को कहा था कि इस व्रत को सुनने मात्र से ही मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति अवश्य होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button