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टिकट कटने के बाद स्वाति सिंह बोलीं, ‘आजीवन भाजपा के लिए करूंगी काम’


लखनऊ| योगी सरकार में मंत्री रहीं स्वाति सिंह ने टिकट कटने के बाद कहा कि वह भाजपा में ही हैं और भाजपा में ही रहेंगी। पार्टी ने अगर मुझे टिकट नहीं दिया है तो कुछ सोच समझकर ही ऐसा किया होगा। मैं जिंदगी भर भाजपा में ही रहूंगी।

बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके रोम-रोम में भाजपा है। पार्टी छोड़ने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्होंने कहा- जीना यहां, मरना यहां। स्वाति सिंह ने पति के साथ विवाद की वजह से टिकट कटने के सवाल पर कहा कि कोई कंट्रोवर्सी नहीं है।

स्वाति सिंह ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आजीवन काम करती रहेंगी। नाराजगी को लेकर सवाल पर मुस्कुराते हुए स्वाति ने कहा, क्या मेरे चेहरे से नाराजगी लग रही है। सपा में जाने की अटकलों पर स्वाति ने कहा, मैं 17 साल की थी तब विद्यार्थी परिषद जॉइन किया था। मेरे रोम-रोम में बीजेपी है। मैं यहीं रहूंगी और यहीं मरूंगी। सगंठन भविष्य में जो भी जिम्मेदारी देगी, निष्ठा के साथ निभाऊंगी।

आपका टिकट काटकर राजेश्वर सिंह को टिकट दिए जाने के फैसले से आप संतुष्ट हैं? इसके जवाब में स्वाति ने कहा कि पार्टी के फैसले पर किसी कार्यकर्ता को सवाल नहीं उठाना चाहिए। स्वाति ने कहा कि वह नहीं जानती थीं कि पार्टी उन्हें महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाएगी। पार्टी ने टिकट दिया, सरोजनीनगर सीट से जितवाया, मंत्री बनाया। पार्टी ने यह फैसला भी कुछ अच्छा सोचकर ही किया होगा।

स्वाति सिंह ने कहा, कैसी कंट्रोवर्सी? मैंने कभी एक शब्द भी बोला। उस (वायरल) ऑडियो के बारे में भी मैंने एक शब्द कहा। कौन सी कंट्रोवर्सी? मीडिया में सूत्र के हवाले से कुछ भी चलने लगता है। जहां तक दावेदार की बात है, दयाशंकर सिंह अपनी बात रख रहे थे। बेकार की चीजों को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।

ज्ञात हो कि भाजपा ने लखनऊ के सारी विधानसभाओं के टिकट घोषित कर दिए हैं। योगी सरकार में मंत्री स्वाति व उनके पति भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के बीच चल रही आपसी खींचतान का आखिरकार दंपती को ही नुकसान उठाना पड़ा है। स्वाति व दयाशंकर दोनों ही सरोजनीनगर सीट से अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे थे। बीते दिनों स्वाती का एक आडियो भी वायरल हो गया था, जिसमें दंपती के बीच रिश्तों में खटास खुलकर सामने आ गई थी। इसके बाद से ही स्वाति का टिकट कटने की चर्चा थी। पार्टी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अंतत: दोनों में से किसी को भी टिकट न देने का निर्णय किया। एक दिन पूर्व ही ईडी लखनऊ के ज्वाइंट डायरेक्टर के पद से वीआरएस लेने वाले राजेश्वर सिंह को भाजपा ने सरोजनीनगर सीट से प्रत्याशी बनाया है।

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