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लद्दाख में निर्माणाधीन पुल ढहा, 12 घंटे के रेस्क्यू के बाद 2 को सुरक्षित निकाला बाहर…4 कर्मियों की मौत

लद्दाख के नुब्रा उपमंडल में शनिवार को ढहे एक निर्माणाधीन पुल के मलबे से चार कर्मियों के शव बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लेह जिले के दिस्कित गांव के पास निर्माणाधीन शतसे तकना पुल का एक हिस्सा शनिवार शाम करीब 4 बजे तेज हवाओं के कारण ढह गया था और इसके मलबे में छह मजदूर फंस गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, 12 घंटे तक चले संयुक्त बचाव अभियान के बाद घटनास्थल से चार मजदूरों के शव बरामद किए गए और दो अन्य को बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि बचाए गए दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान जम्मू-कश्मीर में राजौरी जिले के राज कुमार और वरिंदर, छत्तीसगढ़ के मंजीत तथा पंजाब के लव कुमार के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि घायलों में राजौरी के कोकी कुमार और छत्तीसगढ़ के राजकुमार शामिल हैं। लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने बचाव अभियान की निगरानी की। उन्होंने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

घटना के तत्काल बाद सेना की स्थानीय 102 ब्रिगेड, सीमा सड़क संगठन (BRO) की विजयक परियोजना और लेह स्थित वायुसेना स्टेशन से भेजी गई परिचालनात्मक मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख के मंडलीय आयुक्त सौगत बिस्वास ने अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया। उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों को हवाई मार्ग से लेह पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। माथुर ने हादसे में प्रभावित लोगों, खासकर पुल निर्माण में लगे मजदूरों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

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