ब्रेकिंग
₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही... अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सोनीपत में मिल रही थी रंगदारी व जान से मारने की धमकी, 7 मही... 'पढ़ेगा इंडिया' के दावों की खुली पोल: प्रतापगढ़ में पेड़ के तने के सहारे नाला पार करने को मजबूर मासू...
उत्तरप्रदेश

अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सटे मथुरा ईदगाह के सर्वे के लिए याचिका दाखिल 

मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी ईदगाह मस्जिद का कमिश्नर के जरिए सर्वे कराने की मांग को लेकर वादी मनीष यादव की याचिका मथुरा कोर्ट में याचिका दाखिल की है। वादी मनीष यादव, महेंद्र प्रताप सिंह और दिनेश शर्मा ने अलग-अलग एक ही तरह की याचिका लगाई थी, जिसमें कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करके ईदगाह मस्जिद की वीडियोग्राफी कराए जाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए सभी वादियों को एक जुलाई की तारीख दी है। अब एक जुलाई को कोर्ट तय करेगा कि याचिका स्वीकार होगी या अस्वीकार।
याचिकाकर्ता महेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले श्री कृष्ण जन्मस्थान और ईदगाह मस्जिद मामले में 24 फरवरी 2021 को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें वीडियोग्राफी कराने की और कमिश्नर की नियुक्ति की मांग की थी। इसके बाद एक बार फिर 9 मई 2022 को एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। विदित हो कि मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के मामलों को जल्द निपटाने की याचिका पर बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मथुरा की अदालत को निर्देश दिया है कि अधिकतम चार महीने में सभी अर्जियों का निपटारा किया जाए। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सुन्नी वक्फ बोर्ड व अन्य पक्षकारों के सुनवाई में शामिल ना होने पर एकपक्षीय आदेश जारी कर दिया जाए। यह याचिका नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव की तरफ से दाखिल की गई थी। इसमें याचिकाकर्ता ने मथुरा में चल रहे मुकदमे की सुनवाई हर रोज और जल्द निपटारा कराए जाने की अपील की थी। याचिका में मांग की गई थी कि मथुरा की अदालत में इस केस से जुड़े जो भी मामले पेंडिंग हैं, उनका निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। अगर विपक्षी पार्टी सुनवाई के दौरान हाजिर न हों तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर एकतरफा आदेश दिया जाए।

Related Articles

Back to top button