ब्रेकिंग
₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही... अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सोनीपत में मिल रही थी रंगदारी व जान से मारने की धमकी, 7 मही... 'पढ़ेगा इंडिया' के दावों की खुली पोल: प्रतापगढ़ में पेड़ के तने के सहारे नाला पार करने को मजबूर मासू...
देश

PM मोदी की अपील, देश के तेज विकास में मदद करें वैज्ञानिक

पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों का विकास करें जो भारत की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के साथ ही देश के तेज विकास में मदद करें। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने पुणे में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) में वैज्ञानिकों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। आईआईएसईआर के वैज्ञानिकों ने न्यू मैटेरिल्यस और स्वच्छ ऊर्जा के लिए उपकरणों से लेकर कृषि जैव प्रौद्योगिकी और प्राकृतिक संसाधनों का मानचित्रण करने संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुति दी

इन प्रस्तुतियों में आणविक जीव विज्ञान, रोगाणुरोधी प्रतिरोध, जलवायु अध्ययन और गणितीय वित्त अनुसंधान के क्षेत्र से संबंधित नवीन प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया गया। बयान में कहा गया कि मोदी ने उनसे कहा कि वे कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों का विकास करें जो भारत की विशिष्ट जरूरतों को पूरा कर सकें तथा देश का तेजी से विकास करने में मदद करें। इससे पहले, मोदी ने आईआईएसईआर के पुणे परिसर का दौरा किया और छात्रों तथा शोधार्थियों से बातचीत की। उन्होंने अत्याधुनिक सुपर कंप्यूटर परम ब्रह्म को भी देखा जिसे आईआईएसईआर में सी-डीएसी ने विकसित किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button