CAA: 80 साल की बिलकिश बनी विरोध का चेहरा

80 साल की बजुर्ग बिलकिश 11 दिन से शाहीनबाग के पास हाइवे पर चल रहे प्रदर्शन में डटी हुई हैं। इस उम्र में भी वह एनआरसी और सीएए के बारे में जानकारी रखती हैं और अपने हक की बात कर बाकी महिलाओं को जागरूक भी कर रही हैं। आस-पास बैठी महिलाओं ने बताया कि अम्मा का जज्बा देखकर ताकत मिलती है और हम भी 11 दिन से यहां रात-दिन यहीं डटे हुए हैं।
बिलकिश ने बताया कि मैं पिछले 11 दिनों से यहीं पर हूं। मेरा खाना-पीना यहीं पर होता है। मैं घर नहीं जाती हूं, इस ठंड में यहीं रात बिताती हूं। परिवार के लोग भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आ गए हैं। हमें डर है कि कहीं हमारी नागरिकता न छिन जाए। हमारे पास यहां अपना घर नहीं है, किराए के मकान में रहते हैं।
बजुर्ग महिला ने कहा कि हम गरीब लोग मजदूरी कर अपना जीवन जी रहे हैं। अपने ही देश में नागरिकता सिद्ध कैसे कर पाएंगे। वहीं प्रदर्शन कर रहीं फैजान का कहना है कि जब तक सरकार बिल वापस नहीं लेगी तब तक ऐसे ही रात दिन प्रदर्शन करते रहेंगे। खुले आसमान के नीचे कपड़े बिछाकर यहीं सो जाते हैं। कई दिनों से घर में चूल्हा नहीं जला है।






