ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर झारखंड पुलिस का गौरवशाली पल, 29 अधिकारी और जवान राष्ट्रपति व वीरता पदक से हो... गढ़वा के बलीगढ़ में वज्रपात का कहर: बकरी चराने गए 2 लोगों की दर्दनाक मौत, 1 झुलसा; गांव में मातम गढ़वा: सिरोईकला में नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं छात्र और शिक्षक, DC ने दिए पुल निर्माण की जांच के न... पाकुड़: एक ही रात में कई घरों में चोरी और सेंधमारी का प्रयास, बोलबम के कपड़ों में आए थे चोर; CCTV खं... पलामू में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर बवाल, पाटन थाने में एफआईआर दर्ज रांची में JPSC छात्रों पर लाठीचार्ज पर भड़की दिल्ली की सियासत, संसद भवन परिसर में BJP सांसदों का प्र... JPSC-JSSC लाठीचार्ज के खिलाफ पलामू में 'झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह': सूर्या सोनल सिंह के नेतृत्व म... धनबाद सदर अस्पताल में बच्चों का मुफ्त इलाज और सर्जरी: 18 साल तक के बच्चों के लिए विशेष RBSK कैंप शुर... पलामू डीआईजी किशोर कौशल का बड़ा एक्शन, फायरिंग मामलों के अनुसंधान में लापरवाही पर 1 DSP और 4 SI को श... लुधियाना के गांव रतनगढ़ के पास भीषण सड़क हादसा, कैंटर की टक्कर से चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल
व्यापार

RBI ने देश के इन तीन बड़े बैंकों पर ठोका 10.34 करोड़ रुपए का जुर्माना, इस वजह से की कार्रवाई

मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को विभिन्न नियामकीय मानदंडों के उल्लंघन को लेकर सिटी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन ओवरसीज बैंक पर कुल 10.34 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया।

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता निधि योजना से संबंधित मानदंडों और वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग पर आचार संहिता का पालन नहीं करने के लिए सिटीबैंक एनए पर सबसे अधिक पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

एक अन्य विज्ञप्ति में कहा गया है कि कर्ज को लेकर ‘सेंट्रल रिपोजिटरी’ के गठन और अन्य मामलों से जुड़े कुछ निर्देशों के उल्लंघन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा पर 4.34 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा, चेन्नई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक पर कर्ज संबंधित निर्देशों के उल्लंघन के लिए एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। रिजर्व बैंक ने तीनों मामलों के बारे में कहा कि जुर्माना नियामक अनुपालन में हुई कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता को प्रभावित करना नहीं है।

Related Articles

Back to top button