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मध्यप्रदेश

लंबे समय से चल रह जिंदा लोगों को मृत घोषित कर पैसे निकालने का फर्जीवाड़ा, 2022 में मृत घोषित हो चुकी महिला पहुंची थाने

जबलपुर में इन दिनों जिंदा इंसानों को मृत घोषित कर उनके नाम से सरकार द्वारा मिलने वाली राशि गबन करने का फर्जीवाड़ा चर्चाओं में हैं। बीते शुक्रवार को जहां पुलिस ने फर्जी तरीके से जिंदा इंसानों के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर पैसे निकालने वाली एक गैंग का भांडा फोड़ा था तो अब फिर से इसी तरह की शिकायत लेकर एक महिला थाने पहुंची और खुद को जिंदा बताते हुए उसे कागजों में मृत घोषित कर पैसे निकालने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

सुहागी की रहने वाली राधा अहाके ने पुलिस को बताया कि वह अपने डॉक्यूमेंट की केवाईसी कराने के लिए जब ऑनलाइन वाले की दुकान पहुंची तो उसे पता चला की वह तो मृत घोषित हो चुकी है और उसके नाम से 17 मई 2022 को सरकार से मिलने वाली सहायता राशि भी दी जा चुकी है। पीड़ित महिला ने मामले की जानकारी स्थानीय पार्षद को देने के साथ साथ अब थाने पहुंचकर अधारताल पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की है..महिला के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस के पार्षद भी पहुंचे और पूरे मामले में नगर निगम के अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप लगाते हुए पुलिस से कड़ी कार्यवाही की बात कही।

बता दें कि जबलपुर पुलिस ने बीते शुक्रवार को ही इसी तरह के एक गिरोह को गिरफ्तार किया था जो जिंदा लोगों को कागजों में मृत घोषित कर देते थे और सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि निकलवाकर हड़प लेते थे। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के पास से 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बरामद हुए थे और पुलिस ने यह भी आशंका जताई थी कि अभी इस गिरोह के बारे में जांच चल रही है जिसमे और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एक बार फिर एक महिला को मृत घोषित करने का मामला अब सुर्खियों में है और पुलिस इस पर भी जांच कर कार्यवाही की बात कह रही है।

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