ब्रेकिंग
Goraya-Phillaur Highway Accident: जालंधर-लुधियाना हाईवे पर ट्राले और बाइक की भीषण टक्कर; लुधियाना के... Jalandhar Powercom Action: जालंधर में बिजली बोर्ड का बड़ा एक्शन, नगर निगम की अवैध स्ट्रीट लाइटों के ... Punjab ED Action: मंत्री संजीव अरोड़ा के बाद अब पावरकॉम चेयरमैन पर शिकंजा; ईडी की पूछताछ टली, अब 20 ... Punjab Weather Update: पंजाब में 18 से 23 मई तक भीषण लू का अलर्ट; बठिंडा में पारा 43 डिग्री पार, जान... Ludhiana Cyber Fraud: दिन में बेचता था सब्जी, रात को बनता था इंटरनेशनल साइबर ठग; लुधियाना में मुनीश ... PSPCL Smart Phone Controversy: पावरकॉम में महंगे स्मार्ट फोन बांटने पर बवाल; बिजली कर्मचारियों ने लग... Ludhiana Crime News: लुधियाना में घिनौना जालसाजी; मृत पत्नी को जिंदा बताकर बैंक से लिया 12.81 लाख का... Yamunanagar Kidnapping Attempt: यमुनानगर में 10 साल के बच्चे के अपहरण का प्रयास, बाइक से गिरा मासूम ... Gurugram Crime News: गुड़गांव में जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 10 सरकारी कर्मचारियों के... Faridabad EV Fire: फरीदाबाद में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी बनी आग का गोला, धुआं निकलते ही चालक ने कूदकर ...
बिहार

दहेज मांगा तो तोड़ दी जाएगी शादी, बिहार के इस गांव में चल रही अनोखी परंपरा

बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणी उमंगा पहाड़ पर बसे काफी संख्या में भोक्ता समाज के लोग रहते हैं. भोक्ता समाज की बेटियों का विवाह बिना दहेज के होता है. अगर लड़के वाले चुपके से दहेज लड़की वालों से ले लेते हैं तो उसके परिवार में अन्य सदस्यों के साथ भोक्ता समाज के लोग अपनी लड़की या लड़के की शादी नहीं करते हैं. मदनपुर थाना क्षेत्र के लंगूराही गांव निवासी जमाहिर सिंह भोक्ता ने बताया कि पूर्वजों से ही हम लोगों की समाज में दहेज ना लेने एवं ना ही देने की प्रथा चल रही है.

जमाहिर सिंह भोक्ता ने कहा कि हमारे समाज में लड़के वाले दहेज नहीं लेते हैं. भोक्ता समाज के अधिकांश लोग गरीब तबके के होते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर एक भोक्ता समाज के परिवार में चार पुत्री जन्म ले लेती हैं तो दहेज कहां से दे पाएगा? इसलिए हमारे समाज में पूर्वजों से ही दहेज ना लेने और ना देने की प्रथा है.

यहां लोग नहीं लेते हैं दहेज

हमारे समाज में वर-वधू की योग्यता पर दोनों का विवाह होता है. अधिकांश जगहों पर परिवार वालों की बात पर विचार होने के बाद लड़के (वर) लड़की (वधू) को देखने जाते हैं. दोनों की योग्यता एवं गुण मिलने के बाद शादी कराई जाती है. इसके बाद खुशी के अनुसार शादी के कुछ माह बाद बिना लड़के वाले के मांगे हुए अपनी अर्थव्यवस्था को देखते हुए लड़की वाले अपने पुत्री को उपहार देते हैं. इसमें कोई भी लड़का पक्ष से मांग नहीं की जाती है. यह उपहार दे भी सकते या फिर नहीं भी दे सकते हैं. लड़की के परिजनों पर लड़का पक्ष की तरफ से कोई दबाव नहीं बनाया जाता है.

दहेज लेने वालों के यहां नहीं करते शादी

जमाहिर सिंह भोक्ता एवं सुदाम सिंह भोक्ता ने कहा कि अगर कोई लड़का वाला दहेज लेकर शादी कर लेता है तो उसके अन्य परिवार के सदस्य से भोक्ता समाज की लड़की का विवाह नहीं होता है. अगर कोई लड़का नौकरी वाला है तो उसके योग्यता के अनुसार शिक्षित लड़की के साथ शादी होती है लेकिन दहेज नहीं दिया जाता है.

वर्षों पुरानी परंपरा

मुन्नी देवी ने बताया कि हम लोग गरीब परिवार से आते हैं. इसलिए हमारे पुरखों द्वारा बनाई गए प्रथा पर ही हमारे समाज की लड़कियों की शादी होती है. लड़की वाले लड़के वाले के घर जाते हैं एवं कुछ लड़के वाले लड़की के घर भी आते हैं. दोनों की योग्यता के अनुसार शादी कराई जाती है.

Related Articles

Back to top button