ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...
देश

अंधेरे में डूबा झारखंड, हजारीबाग-चतरा, रामगढ़-कोडरमा, गिरिडीह-धनबाद में बिजली गुल

रांची। BLACKOUT डीवीसी की बिजली कटौती को लेकर धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा व रामगढ़ समेत कई अन्य जिलों में तीसरे दिन गुरुवार को भी ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही। बिजली संकट के कारण पानी के लिए भी हाहाकार मचा है। वहीं उद्योग-धंधे भी बुरी तरह प्रभावित हैं। डीवीसी जेवीएनएल पर 4955 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण बिजली की कटौती कर रहा है। उधर बिजली संकट को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक डीवीसी को बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल 200 करोड़ का भुगतान किया जा रहा है। इससे बिजली की किल्लत से छुटकारा मिलेगा। अभी धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़ में लोड शेडिंग का सर्वाधिक असर देखा जा रहा है।

बिजली संकट और गहराया, 24 घंटों से घुप्प अंधकार

बिजली संकट चतरा के लिए बड़ी समस्या बन गई है। जिले में 18 घंटों के बजाय दिनभर लोड शेडिंग की जा रही है। संपूर्ण जिला पिछले 24 घंटों से धुप्प अंधकार में डूबा हुआ है। इन चौबीस घंटों में तीन बार बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल हुई। लेकिन बीस से पचीस मिनट तक ही आपूर्ति हुई। बिजली आपूर्ति ठप रहने से जलापूर्ति भी बाधित है। शहर में तीन दिनों से पानी का आपूर्ति नहीं हुआ है। पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि जलापूर्ति पर आश्रित रहने वाले परिवार तीन दिनों से स्नान नहीं कर रहे हैं। इतनी भयावह स्थिति शायद पहले कभी नहीं देखने को मिली थी।

झामुमो का उग्र प्रदर्शन

गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला और मुसाबनी में जहां झामुमो ने इस मुद्दे पर उग्र प्रदर्शन किया वहीं हजारीबाग में लोड शेडिंग के विरोध में गुरुवार को नगर निगम के उप- महापौर राजकुमार लाल की अगुवाई में वार्ड पार्षदों ने डीवीसी आपूर्ति कार्यालय में तालाबंदी कर दी। गिरिडीह में झामुमो के विरोध-प्रदर्शन के कारण डीवीसी ने बिजली कटौती नहीं की है। बावजूद यह संकट दूर नहीं हुआ है। अब डीवीसी ने गिरिडीह में 18 घंटे बिजली कटौती के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मांगी है। डीवीसी के डिवीजनल इंजीनियर निर्मल्या पाल ने सब स्टेशन में 24 घंटे सशस्त्र बल की तैनाती की मांग की है।

उधर धनबाद में बिजली आपूर्ति न होने से जामाडोबा वाटर प्लांट से दूसरे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इससे झरिया और आसपास के इलाके के करीब 12 लाख लोग जल संकट से भी प्रभावित हैं। इसे लेकर लोगों का आक्रोश चरम पर है। व्यवसाय प्रभावित होने से व्यापारी वर्ग भी खासा नाराज है। वहीं बोकारो के चास, बेरमो आदि इलाकों में बिजली संकट से लोग त्राहि त्राहि कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 18 घंटे बिजली न देने की बात डीवीसी ने कही है, बावजूद कई इलाकों में 6 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।

चतरा जिला मुख्यालय में अनियमित रूप से पांच से छह घंटे बिजली की सप्लाई हो रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र दो से तीन घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। बिजली संकट के  कारण पेयजलापूर्ति की भी समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी के लिए लोग इधर उधर भटक रहे हैं। बिजली पर आधारित कुटीर उद्योग-धंधे चौपट हो गए हैं। रामगढ़ में 18 घंटे की बिजली कटौती जारी है। बिजली एवं पानी के संकट से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। 24 में मात्र 6 घंटे ही बिजली उपभोक्ताओं को मिल पा रही है।

होटल, प्रतिष्ठान, दुकान सहित बड़े-बड़े मॉल आदि भी इस समस्या से बेहाल हैं। लगातार जेनरेटर चला पाना संभव नहीं है। वहीं खर्च भी बढ़ गया है। कई उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं। डीवीसी के कार्यपालक अभियंता राहुल रंजन के अनुसार समस्या समाधान के लिए लगातार उच्चस्तरीय बैठक चल रही है। उधर हजारीबाग शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां भी डीवीसी द्वारा 24 घंटे में 18 घंटे की लोड शेडिंग की जा रही है। कोडरमा, डोमचांच के शहरी इलाके से लेकर गांवों तक हर दो घंटे के अंतराल में छह-छह घंटे की बिजली कटौती जारी है।

Related Articles

Back to top button