ब्रेकिंग
जालंधर की डॉक्टर के सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप: LPU छात्रों को लेकर किए सनसनीखेज दावे Punjab Power Crisis: पंजाब में बिजली संकट गहराया, मांग 16,600 मेगावाट पार; जालंधर में सड़कों पर उतरे... Yamunanagar News: टोडरपुर गांव में बंदर को जिंदा निगल गया 15 फीट लंबा अजगर, वन्य जीव विभाग ने किया स... Homemade Soap for Sensitive Skin: घर पर बनाएं नेचुरल नीम-एलोवेरा साबुन, ड्राई स्किन और फंगल इंफेक्शन... Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर... Ranchi Cyber Crime: बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी ऐप से 70 वर्षीय बुजुर्ग से 4.90 लाख की ठगी, 6 आरोपियों प... Khunti Human Trafficking: खूंटी पुलिस ने नाकाम की मानव तस्करी की साजिश, 20 हजार की नौकरी का झांसा दे... Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 सितंबर तक झमाझम बारिश; यमुनानगर में आं... Haryana Sports News: बहादुरगढ़ में 1600 तैराकों का महाकुंभ, मुख्य अतिथि अविनाश चोपड़ा ने की अनिल खत्... How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका...
मध्यप्रदेश

बाघिन ‘मौसी’ की ममता! 3 साल तक टी-28 ने मां की तरह पाले बहन के 3 बच्चे, ट्रेन दुर्घटना में मां की हुई थी मौत

मध्य प्रदेश में सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व में एक मनमोहक नजारा देखने को मिला. टाइगर रिजर्व में मौसी के नाम से मशहूर बाघिन-T28 एक बार फिर से सुर्खियां बटोर रही है. गुरुवार सुबह करीब 10 बजे, बाघिन T28 का एक मनमोहक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में वह 6 शावकों के साथ खेलती हुई नजर आ रही है.

ये वही शावक हैं जिन्हें बाघिन ने दो महीने पहले जंगल में स्वतंत्र छोड़ दिया था. इन 6 शावकों में तीन T28 के बच्चे हैं, जबकि 3 शावक उसकी बहन T18 के अनाथ बच्चे हैं. 2022 में T28 की बहन T18 एक ट्रेन दुर्घटना की शिकार हो गई थी. इस दुर्घटना के बाद रेस्क्यू टीम ने T18 को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

इसके बाद T28 ही अपनी बहन के तीन अनाथ शावकों की देखरेख कर रही थी. वह पहले से ही अपने तीन शावकों की भी परवरिश कर रही थी. हालांकि, अब उसे अपनी बहन के तीन और शावकों की जिम्मेदारी को भी उठाना था. उसने उन्हें न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें जंगल में शिकार से लेकर प्रकृति के इस दुर्लभ घर में जीने का भी हुनर सिखाया.

बाकियों से कैसे अलग है T28?

संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक राजेश कन्ना ने बताया कि बाघ आमतौर पर अन्य किसी बाघ के बच्चों को ज्यादा दिन तक नहीं पालते, लेकिन T28 ने एक अनोखा उदाहरण पेश किया है. T28 ने दिखाया कि बाघों के भीतर भी ममता होती है और वे भी अपने संबंध को महत्व देते हैं.

बाघिन के कई और नाम

T28 बाघिन ने बाघों के व्यवहार के इतर जाकर अपनी बहन के तीन शावकों को पाला और उन्हें जंगल में रहने के योग्य बनाया. यही वजह है कि T28 बाघिन को मौसी, सुपर मॉम और आइकॉनिक मॉम जैसे नामों से जाना जाने लगा है.

Related Articles

Back to top button