सावधान! भारत के लिए खतरा लेकर दबे पांव आ रहा कोरोना

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। कोरोना के दलदल में लोग डूबते ही जा रहे हैं, जिसे रोकना बेहद जरूरी है। इस संकट के बीच सबसे बड़ी चुनौती है बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज। ये वो मरीज़ हैं जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होता फिर भी ये कोरोना पॉज़िटिव होते हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 80 प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनमें लक्षण या तो बहुत मामूली हैं या फिर हैं ही नहीं। हाल में ऐसे केसों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिनमें शरीर में कोरोना वायरस तो है, मगर उसके लक्षण नजर नहीं आते। डाक्टरों की मानें तो इसके पीछे की एक वजह यह है कि कि भारतीय की इम्यून सिस्टम दूसरे देश के नागरिकों के मुक़ाबले ज़्यादा बेहतर है, इसलिए उनमें लक्षण तो नहीं दिखते और फिर भी कोरोना के मरीज़ होते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसे लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि इन दिनों दिल्ली में’एसिम्प्टोमैटिक’ मामले ज्यादा सामने आाए हैं यानी की मरीज मेंकोरोना के कोई लक्षण मौजूद नहीं है किसी को बुख़ार, खासी, सांस की शिकायत नहीं थी। उनको पता ही नहीं था कि वो कोरोना लेकर घूम रहे हैं। ये और भी ख़तरनाक हैं। कोरोना फैल चुका है और किसी को पता भी नहीं चलता कि वो कोरोना के शिकार हो चुके हैं।
केन्द्र सरकार के मुताबिक़ एसिम्प्टोमैटिक कोरोना मरीज़ों की संख्या बहुत ज़्यादा नहीं है, लेकिन सरकार इसे चुनौती ज़रूर मानती है। सरकार के मुताबिक़ हमें इस तरह के मामलों से निपटने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग हॉटस्पॉट एरिया में रह रहे हैं और बुज़ुर्ग हैं, हाई रिस्क में हैं, उन्हें अपने टेस्ट कराने चाहिए।





