ब्रेकिंग
सनातनी विनोद कुमार बिंदल के सान्निध्य में रामलीला का समापन, दशहरा पर रावण दहन और श्रीराम के राज्याभि... US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के...
छत्तीसगढ़

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी होगी दूर, 49 नए पद शासन ने किए स्वीकृत

सरगुजा : राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को शासन से एक बड़ी राहत मिली है. राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए 49 अतिरिक्त फैकल्टी के पदों की स्वीकृति दी है. मेडिकल कॉलेज में पद सृजन के बाद अब प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी जिससे आने वाले दिनों में शिक्षण के साथ ही चिकित्सकीय गुणवत्ता में भी सुधार होगा. पद सृजन की स्वीकृति मिलने से अब जुर्माने जैसी स्थिति से भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन बच सकेगा.

फैकल्टी की कमी से जूझ रहा था मेडिकल कॉलेज

राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के बाद से ही फैकल्टी की कमी से जूझ रहा है. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 125 सीटों की मान्यता के अनुसार पूर्व में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फैकल्टी के लिए 132 पदों की स्वीकृति दी गई थी.स्वीकृत पद की तुलना में मेडिकल कॉलेज प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसआर, जेआर की कमी बनी रही. इस दौरान कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों को 150 करने की प्रक्रिया भी चली और एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लगातार निर्देश दिए.

shortage of faculty will be resolved

3 लाख का लगा था जुर्माना

कॉलेज प्रबंधन ने साल 2019 से ही शासन को फैकल्टी की कमी को दूर करने के हेतु पद स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा था लेकिन शासन ने पदों की स्वीकृति नहीं दी. ऐसे में नेशनल मेडिकल कमीशन ने पिछले साल फैकल्टी की कमी के कारण ही मेडिकल कॉलेज पर जुर्माना लगाया था. 3 लाख रुपए का जुर्माना जमा करने के बाद कॉलेज प्रबंधन को एमबीबीएस की 125 सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिली थी.

शासन से मेडिकल कॉलेज को फैकल्टी के अतिरिक्त 50 पदों की स्वीकृति मिल गई है. अब प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. फैकल्टी की कमी दूर होने से शैक्षणिक के साथ ही स्वास्थ्य गुणवत्ता में भी सुधार होगा- डॉ.अविनाश मेश्राम, डीन ,मेडिकल कॉलेज

49 अतिरिक्त फैकल्टी के लिए मिली मंजूरी

कॉलेज पर जुर्माना लगाए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन और शासन स्तर पर फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए एक बार फिर से कवायद तेज की गई. अब प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज को 150 सीटों की मान्यता के लिए 49 अतिरिक्त फैकल्टी के पद सृजित करने की अनुमति प्रदान दी है. इस संबंध में शासन से नवंबर में ही आदेश जारी कर दिए गए थे लेकिन अब जाकर इसकी प्रक्रिया पूर्ण हो पाई है.

सीनियर रेजिडेंट के 30 पद स्वीकृत

राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को शासन की ओर से कुल 49 नवीन पद स्वीकृत किए गए हैं. शासन की ओर से कॉलेज में प्रोफेसर के 2, एसोसिएट प्रोफेसर के 7, असिस्टेंट प्रोफेसर के 10, सीनियर रेजिडेंट के 30 पद स्वीकृत किए गए है. इनमें सबसे अधिक एसआर के 30 पद सृजित किए गए है. नए सीनियर रेजिडेंट के पदों की स्वीकृति से सरगुजा जैसे ग्रामीण और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से स्थानीय जनता को अब गंभीर रोगों के उपचार के लिए रायपुर या बड़े महानगरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.

अभी भी 25 पदों की कमी

मेडिकल कॉलेज में भले ही शासन ने फैकल्टी की स्वीकृति प्रदान कर दी है, लेकिन इसके बाद एनएमसी के मानक अनुसार फैकल्टी की कमी बनी हुई है. एमबीबीएस की 150 सीटों के अनुसार देखे तो मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के लिए कुल 40 पद चाहिए लेकिन फिलहाल स्वीकृत पदों की संख्या 33 ही है . कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के 7 पद कम है. इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर के 55 पद चाहिए, लेकिन वर्तमान में कुल 49 पद स्वीकृत किए गए हैं. मानक के अनुरूप 6 पद कम है. इसी तरह एसआर के 58 पदों की जरूरत है लेकिन वर्तमान में 54 पद स्वीकृत हैं और 4 पदों की कमी है. जेआर के 32 पदों की जरूरत है जबकि शासन से 24 पद स्वीकृत हुए है और 8 पदों की कमी है. बड़ी बात यह है कि स्वीकृत 181 पदों की तुलना में वर्तमान में लगभग 80 से 90 फैकल्टी ही कार्यरत हैं और कॉलेज में फैकल्टी की कमी बड़े पैमाने पर बनी हुई है.

पद का नाम पूर्व सेटअप नवीन स्वीकृत कुल पद एनएमसी मानक कमी
प्राध्यापक 19 02 21 19 0
सहायक प्राध्यापक 39 10 49 55 6
सीनियर रेजिडेंट 24 30 54 58 4
ट्यूटर 24 0 24 32 8
कुल योग 132 49 181 204 25

Related Articles

Back to top button