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बदरी-केदार में ‘विशेष पूजा’ अब महंगी! श्रीमद भागवत कथा के लिए देने होंगे 1 लाख, महाभोग का भी बढ़ा रेट; देखें 2026 की नई रेट लिस्ट

Char Dham Yatra 2026: विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा से पहले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा और आरती के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है. बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई, जिसके बाद नई दरें तय कर दी गई हैं. हालांकि, दोनों धामों में सामान्य दर्शन पहले की तरह नि:शुल्क ही रहेंगे.

बीकेटीसी की ओर से संचालित दोनों प्रमुख धामों में रोजाना सुबह-शाम विभिन्न प्रकार की पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है. इनमें महाभिषेक, अभिषेक, भोग, अखंड ज्योति और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं. इन विशेष पूजाओं में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं को पूर्व बुकिंग करानी होती है और निर्धारित शुल्क अदा करना पड़ता है. नए फैसले के तहत इन पूजाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की गई है. समिति का कहना है कि यह बढ़ोतरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और तीर्थयात्रियों को सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है.

बदरीनाथ धाम में नई दरें

बदरीनाथ धाम में अलग-अलग प्रकार की विशेष पूजाएं होती हैं. इनमें श्रीमद्भागवत कथा, वेद-गीता पाठ, महाभिषेक, अभिषेक और आरतियां शामिल हैं. नई दरों के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा के लिए शुल्क 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है. वेद और गीता पाठ के लिए शुल्क 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,100 रुपये कर दिया गया है. इसी तरह कूपर आरती 1,951 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये और चांदी आरती 2,731 रुपये से बढ़कर 5,100 रुपये कर दी गई है.

महाभिषेक के लिए अब 5,500 रुपये और अभिषेक के लिए 5,300 रुपये देने होंगे. अखंड ज्योति (वार्षिक) का शुल्क 6,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि स्वर्ण आरती 6,100 रुपये में होगी. खीर भोग, बाल भोग और महाभोग जैसी पूजाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है.

केदारनाथ धाम में नई दरें

केदारनाथ धाम में अल-अलग प्रकार की पूजाएं होती हैं. इनमें लघु रुद्राभिषेक, महाभिषेक, रुद्राभिषेक, शिव सहस्त्रनाम और दिनभर की पूजा जैसी प्रमुख धार्मिक क्रियाएं शामिल हैं. नई दरों के तहत लघु रुद्राभिषेक का शुल्क 6,100 रुपये से बढ़ाकर 7,100 रुपये कर दिया गया है.

महाभिषेक के लिए अब 11,500 रुपये देने होंगे, जबकि रुद्राभिषेक 7,500 रुपये में होगा. दिनभर की पूजा का शुल्क 28,600 रुपये से बढ़कर 51,000 रुपये कर दिया गया है, जो सबसे अधिक वृद्धि वाले अनुष्ठानों में शामिल है. इसके अलावा अखंड ज्योति, कपूर आरती और दैनिक पूजा के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है. शिव सहस्त्रनाम के लिए अब 2,500 रुपये देने होंगे.

सामान्य दर्शन अब भी नि:शुल्क

बीकेटीसी ने कहा है कि आम श्रद्धालुओं के लिए दोनों धामों में दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह नि:शुल्क ही रहेगी. केवल विशेष पूजा, आरती और अनुष्ठानों के लिए ही शुल्क लिया जाएगा. समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी बोर्ड बैठक में निर्णय लेकर नई दरें तय की गई हैं. ये दरें आगामी चारधाम यात्रा से लागू होंगी.

चारधाम यात्रा से पहले अहम फैसला

चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले पूजा शुल्क में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बढ़ी हुई दरों का असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा जो विशेष पूजा या आरती में शामिल होना चाहते हैं. हालांकि, समिति का मानना है कि इन नई दरों से मंदिरों की व्यवस्थाएं और सुविधाएं बेहतर होंगी.

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