Bhanupratappur Forest Division: मजदूरी का पैसा न मिलने पर सड़क पर उतरे ग्रामीण, वन विभाग ने जल्द भुगतान का दिया आश्वासन

छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर वन मंडल क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े मजदूरों का लंबित भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले करीब एक साल से अपनी मेहनत की मजदूरी का पैसा न मिलने से नाराज मजदूरों ने मंगलवार को पूर्व और पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी बकाया राशि तत्काल जारी करने की पुरजोर मांग उठाई।
💰 एक साल से अटका है 12 लाख रुपये का भुगतान, लगातार आश्वासन मिलने से मजदूर परेशान
मजदूर संघ के अध्यक्ष सुजीत चक्रधारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए अपनी गंभीर परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण का काम करने वाले गरीब मजदूरों का लगभग 12 लाख रुपये का भुगतान पिछले एक साल से लटका हुआ है। मजदूरों का आरोप है कि इस लंबित भुगतान को लेकर उन्होंने कई बार वनमंडल के अधिकारियों से गुहार लगाई और लिखित शिकायतें भी कीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन ही मिले, जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लंबे समय से मजदूरी का पैसा न मिलने के कारण मजदूरों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
🏛️ वन विभाग के अधिकारी बोले- प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द किया जाएगा बकाया राशि का भुगतान
इस पूरे मामले पर पूर्व भानुप्रतापपुर वनमंडल के वनमंडल अधिकारी (DFO) संदीप बलगा ने मीडिया से बात करते हुए सफाई दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जैसे ही भुगतान की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, सभी मजदूरों को उनकी बकाया राशि का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, मजदूरों का कहना है कि वे काफी लंबे समय से विभाग के आश्वासनों का सामना कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि वन विभाग द्वारा तेंदूपत्ता मजदूरों का यह रुका हुआ भुगतान आखिरकार कब तक उनके खातों में पहुंचता है।




