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चाइल्ड केयर सब्सिडिज स्कैंडल को लेकर नीदरलैंड की सरकार ने दिया इस्तीफा

एम्स्टर्डम। बाल कल्याण योजना घोटाले को लेकर चल रहे विवाद के बीच नीदरलैंड सरकार ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है। साथ में इस घोटाले की जिम्मेदारी स्वीकार ली। जांच में पता चला है कि मामले में अभिभावकों पर गलत रूप से धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। सीएनएन के अनुसार प्रधानमंत्री मार्क रुटे बाल देखभाल भत्ते पर संसदीय पूछताछ समिति की एक रिपोर्ट के बाद मंत्रिमंडल के इस्तीफे की घोषणा। उन्होंने इसके लिए पूरी तरह से कैबिनेट जिम्मेदार है।

प्रधानमंत्री मार्क रुटे ने आगे कहा कि राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी प्रणाली में सभी स्तरों पर, ऐसी गलतियां की गई हैं, जिनसे हजारों अभिभावकों के साथ बहुत अन्याय हुआ है। रुटे ने यह भी घोषणा की कि नई सरकार के चुनाव मार्च के मध्य में होंगे। पिछले कई हफ्तों से इस्तीफा की चर्चा हो रही थी। लेबर पार्टी (PvdA) के नेता लोदीविजेक एस्केर ने गुरुवार को घोषणा की कि वह PvdA नेता पद से हट जाएंगे। घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर अपनी ही पार्टी में उन्हें विरोध का समाना करना पड़ा। पिछली कैबिनेट में वह उप-प्रधानमंत्री और सामाजिक मामलों के मंत्री थे।

17 दिसंबर को, बाल देखभाल भत्ते पर  पर संसद की एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट हो गया था कि अनुमानित 30,000 माता-पिताओं पर झूठा आरोप लगया गया। उन पर टैक्स अधिकारियों द्वारा दुर्भावनापूर्ण इरादे से आरोप लगाया गया। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि सरकार ने सभी स्तरों पर इन माता-पिताओं के कानूनी संरक्षण का उल्लंघन किया है। पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन इस रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद से, मंत्रिमंडल के इस्तीफे के बारे में चर्चा हुई। मंत्री पहले रिपोर्ट पर चर्चा करना चाहते थे। हाल के हफ्तों में कई बार इस पर चर्चा हुई। शुक्रवार को सरकार के मंत्रियों ने पहली बार घोटाले के राजनीतिक परिणामों के बारे में चर्चा की और निष्कर्ष निकाला कि इस्तीफा केवल एक मात्र विकल्प बचा है।

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