ब्रेकिंग
Haryana Urban Development: पंचकूला में सीवर सिस्टम और जल निकासी होगी दुरुस्त, सेक्टर-32 में बनेगा वर... PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक Yamunanagar Firing Case: यमुनानगर में हाइड्रा और क्रेन ऑफिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग, एक शख्स की मौत और ... DU DUSU Election 2026 Counting News: डूसू चुनाव में वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती जारी; विजय जु... Inspirational Story: गाजियाबाद का घरौंदा बाल आश्रम बना मिसाल; 100 बच्चे जा चुके विदेश, 1000 को मिला ... Yuvraj Manchanda Case: शादी की शॉपिंग के बाद लापता हुए युवराज का नाले में मिला शव; करोड़ों के पैसों ... Delhi Moti Nagar News: मोती नगर में सिलेंडर धमाके से ढहा ग्राउंड फ्लोर; दमकल की गाड़ियों ने पाया आग ... Delhi Crime News: बीयर पिलाकर नाबालिग से दरिंदगी, फिर चाकू से गोदा; दिल्ली के स्वरूप नगर में दिल दहल... Gwalior News: घटिया सड़क निर्माण पर ग्वालियर हाई कोर्ट सख्त; चेतकपुरी चौपाटी रोड की रिपोर्ट में भ्रष... Bhopal Laxmi Pujan: भोपाल में महाराष्ट्रीयन परिवारों के घर विराजीं ज्येष्ठ और कनिष्ठ गौरी; महाभोग मे...
विदेश

UNHRC में भारत ने फिर खोली PAK के झूठ की पोल

इस्लामाबादः कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ की पोल खुल गई है। भारत के एक राजनयिक ने कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान को करारा जबाव दिया है। भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा कि इस्लामाबाद की स्वनिर्णय (सेल्फ डिटरमिनेशन) की परिकल्पना असल में सरकार प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद है।

जेनेवा में UNHRC के 41वें सत्र के दौरान भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने पाकिस्तान के झूठे प्रचार की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य हिस्सा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी समस्या पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय प्रोत्साहन से पैदा होती है। पाकिस्तान सरकार की नीति आतंकवाद को बढ़ावा देने की है जिससे कश्मीर के लोगों के जीवन के अधिकार का लगातार उल्लंघन हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से आने वाले आर्यन ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अपनाया गया स्वनिर्णय का सिद्धांत दुनिया के देशों के लिए गंभीर खतरा है, जहां अनेक जाति और धार्मिक समुदाय साथ-साथ निवास करते हैं। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान जिस स्वनिर्णय की परिकल्पना करता है वह वास्तव में सरकार प्रायोजित सीमापार आतंकवाद है और असल में समर्थन का मतलब भारत के खिलाफ आतंकवाद को सैन्य, वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करना है।’ आर्यन ने कहा, ‘पाकिस्तान को 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर अधिघोषणा के तहत अपनी प्रतिबद्धता पूरी करनी चाहिए।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button