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निजी अस्पताल के कर्मियों की मिलीभगत से हो रही रेमडेसिविर इंजेक्शन की काला बाजारी

रायपुर। Remedicivir Injection: रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर राजधानी रायपुर में मारामारी की स्थिति है। ऐसे में कोरोना के बिगड़ रहे हालात के बीच कालाबाजारियों ने भी आपदा को अवसर बना लिया है। एक तरफ डॉक्टर कहते हैं कि रेमडेसिविर रामबाण औषधि नहीं है। डॉक्टर जरूरत वाले मरीजों को ही यह इंजेक्शन लगाते हैं, लेकिन लोगों में भ्रम फैल गया है कि इस इंजेक्शन से जान बच सकती है।

हालात यह है कि एक रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक मार्केट में 80 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। रविवार को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते पकड़े गए छह युवकों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अधिक पैसा कमाने के चक्कर में वे 15 से 30 हजार रुपये तक इंजेक्शन बेचते थे।

यह इंजेक्शन वे शहर के निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वाथ्य कर्मियों से पांच से दस हजार में खरीदते थे। पुलिस को कुछ अस्पताल के कर्मियों के साथ एक दवा प्रतिनिधि (एमआर) की तलाश है। पुलिस अफसरों का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को देखते हुए सरकार को इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में लाना चाहिए।

पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

साइबर सेल की टीम लगातार इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखे हुए हैं। दो टीमें बनाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में खुद पुलिस के लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन के ग्राहक बनकर घूम रहे थे। तभी इनका संपर्क राहुल से हुआ। इसने पुलिस काे इंजेक्शन बेचने की डील 15 हजार रुपए में की। टीम के लोग मरीज के परिजन बनकर इंजेक्शन लेने गए और मौके पर ही राहुल को धर दबोचा।

वह खुद को छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स का पदाधिकारी और जय व्यापार पैनल से जुड़ा बता रहा था। यहीं नहीं कोरोना मरीजों के स्वजनों को मदद के नाम पर मैसेज वायरल करता था। राहुल का एक रिश्तेदार दवा कारोबारी है। उसने रैकेट से जुड़े एक अन्य का नाम बताया है, जिसे पुलिस तलाश रही है।

जेल भेजे गए आरोपित

पुलिस की गिरफ्त में आए नेमीचंद गली नंबर तीन निवासी राहुल गोयदानी (28), शक्ति बाजार के आयुष माहेश्वरी (25), गायत्रीनगर, अवंतिविहार (खम्हारडीह) के कमलेश रतलानी (32), कचहरी चौक सिंधी गली के सुमित कुमार मोटवानी (27), समता कालोनी के रोहित क्षेत्रपाल (25) और सिंधु स्कूल के पास मौदहापारा के वैभव साहू (25) को गिरफ्तार कर रविवार देर शाम सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

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