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कोरोना काल में एक गांव के 35 युवाओं की पहल, खुद ही गांव में बना लेते हैं क्वारंटाइन सेंटर

रायपुर। कोरोना संक्रमण काल में छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा है, जहां करीब 35 युवा बिना किसी सरकारी मदद से गांव में आने वाले लोगों के लिए खुद क्वारंटाइन सेंटर बनाकर आइसोलेट कर देते हैं। उनके खाने-पीने से लेकर सारी व्यवस्थाएं करते हैं। इस वज से गांव में बाहर से आने वाले इक्का-दुक्का लोग ही संक्रमित हो पाए, बाकी सभी सुरक्षित हैं।

कोरोना का संक्रमण गांव में न हो, इसके लिए दूसरे गांव के शिक्षक या कोई व्यक्ति गांव में न आएं। इसलिए गांव के युवा मंडली ने खुद ही यहां सारी जिम्मेदारी उठा ली। बच्चों को पढ़ाने से लेकर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगवाने तक के लिए युवाओं ने लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठा लिया।

रायपुर से 80 किलोमीटर दूर जीराटोला उर्फ चुचुरुंगपुर गांव के 23 साल के मनोज साहू ने इसकी शुरूआत की तो गांव के 35 युवा भी सामने आ गए। एक हजार आबादी वाले इस गांव में लगभग सभी तरह की गतिविधियां चल रही है। पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, एक-दूसरे को जरूरत पड़ने पर रक्तदान करना हो या गांव में किसी भी महान पुरुष का जन्मदिवस मनाना हो आदि काम युवा मंडल ही कर रहा है

जंगलों के बीच बसा गांव

जीराटोला चुचरुंगपुर (पैलिमेटा) के किसान पुत्र बिगेडियर मनोज साहू और उनके आदर्श युवा मंडल की शानदार पहल शिक्षा बढ़े, शिक्षित करें खूब चर्चा में है। मनोज साहू बताते हैं कि गांव के लोगों में कोरोना वैक्सीन पर भी बहुत भ्रम है। लोगों का भ्रम दूर कर जागरूक किया जा रहा है। कोरोना वैक्सीन लगाओ अभियान चलाया जा रहा है।

मजदूरों की मदद

युवाओं ने बताया कि देश में शुरुआत में लाॅकडाउन लगा। उस समय मजदूरी करने गए लोग महाराष्ट्र, हैदराबाद एवं अन्य शहर से वापस पैदल आ रहे थे। उस समय ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले मनोज और उनके पूरी टीम लोगों को पानी पाउच, बिस्किट एवं अन्य माध्यम से लगातार मदद करते रहें। मजदूरों को आइसोलेट करके उनके खाने- पीने की व्यवस्था भी कराई

मास्क वितरण

कोरोना वायरस से बचने के लिए ऐसे लोग जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें मनोज साहू के द्वारा मास्क वितरण कर हमेशा पहनने की सलाह और शासन के नियमों का हमेशा पालन करने का निवेदन किया गया।

शिक्षा दान

लाकडाउन में लगातार बच्चों को नि: शुल्क सात-आठ माह तक लगातार शिक्षा दान किए। सभी युवा सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक रोजी मजदूरी करने के बाद शाम पांच से सात बजे तक बच्चों को गांव के भवन में ही स्कूल बनाकर लगातार शिक्षा देते रहे। शिक्षा की ज्योति जलाते रहे, जिनके लिए इनके क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने ‘शिक्षा दाता सम्मान’ दिया। पूरे क्षेत्र में इन्होंने शिक्षा की अलख जगाई। बच्चों के प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग प्रतियोगिता, खेलकूद अन्य माध्यम से इन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले को मेडल और प्रमाण पत्र देकर इनके द्वारा उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया।

पौधारोपण

पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार टीम के द्वारा पौधारोपण किया जा रहा है। गांव में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है ताकि सफाई में भी आगे रहें।

रक्तदान

जंगलों के बीच बसे गांव में रहने वाले मनोज की सोच बेमिसाल है। मनोज साहू एवं उनके टीम लगातार रक्तदान में आगे रहती है। करीब 58 लोग अब तक रक्तदान कर चुके हैं। अकेले मनोज 11 बार रक्तदान कर चुके। इसके लिए रक्तदाता 2020 सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।

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