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आनलाइन गेम के चक्कर में शिक्षिका के खाते से निकल गए तीन लाख

कांकेर। आनलाइन गेम की वजह से एक शिक्षिका को तीन लाख रुपये की चपत लग गई है। कांकेर की रहने वाली शिक्षिका ने तीन लाख रुपये से अधिक की राशि आनलाइन निकाले जाने की शिकायत पुलिस से की है। मामले की जांच के बाद पता चला कि शिक्षिका के दस वर्षीय पुत्र द्वारा आनलाइन गेम खेलने के दौरान कई बार राशि खर्च की। जिससे कई ट्रांजेक्शन में तीन लाख से भी अधिक राशि खाते से कट गई

शिक्षिका ने पखांजूर पुलिस थाने में आवेदन दिया कि उसके बैंक खाते से 278 बार ट्रांजेक्शन कर तीन लाख 22 हजार रुपये निकाल लिए गए। साथ ही उसने बताया कि उक्त ट्रांजेक्शन का न तो उसके मोबाइल में कोई ओटीपी आया था और न ही कोई फोन काल। तीन माह पूर्व भारतीय स्टेट बैंक के खाते का एटीएम प्राप्त हुआ था, जो एक्टिव नहीं हो रहा था, जिसे एसबीआइ की शाखा में जाकर एक्टिव कराया था।

एटीएम कार्ड के एक्टिव होने के बाद उनके द्वारा एटीएम का प्रयोग करते हुए पहली बार नौ हजार रुपये और दूसरी बार छह हजार रुपये निकाले थे। जिसके बाद उसने एटीएम कार्ड का उपयोग नहीं किया था। 10 जून को जब शिक्षिका एटीएम से पैसे निकालने के लिए पहुंची, तो उसके खाते में नौ हजार रुपये शेष थे। 11 जून को शिक्षका ने बैंक जाकर पासबुक एंट्री कराई। जिसे देखकर उसके होश उड़ गए। उसके बैंक खाते से आठ मार्च से 10 जून तक 278 बार छोटी-छोटी रकम का आहरण हुआ था और कुल तीन लाख 22 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर हो गए थे।

शिक्षिका से शिकायत आवेदन मिलने के बाद पखांजूर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। पुलिस मामले में साइबर एक्सपर्ट का सहारा भी ले रही थी। ओटीपी के बिना ही खाते से पैसों के आहरण ने पुलिस के लिए जांच को पेचिदा बना दिया था। जांच के बाद आनलाइन गेम में उक्त राशि का खर्च होना पाया गया।

इस तरह कटती गई राशि

पखांजूर थाना प्रभारी शरद दुबे ने बताया कि शिक्षिका द्वारा खाते से तीन लाख 22 हजार रुपये आहरण की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि उनका लगभग 10 साल का पुत्र है, जो उनके मोबाइल में आनलाइन फ्री फायर गेम खेलता था। उक्त मोबाइल में लगा सीम कार्ड शिक्षिका के बैंक खाते से लिंक था। जिससे खेल के दौरान जब भी खेल से संबंधित खरीदी करता, जिससे पैसा सीधे प्रार्थिया के बैंक खाते से कट जाता था। प्रकरण में किसी प्रकार का अपराध नहीं बनता है।

बैंक खाते से लिंक नंबर का प्रयोग सावधानी से करें

खाते से बार-बार राशि कट जाने और ओटीपी न आने के संबंध में साइबर एक्सपर्ट विराज मंडल ने बताया कि आनलाइन गेम में जब कोई व्यक्ति खरीदी करता है तो सिम के लिंक होने के कारण सीधे बैंक खाते से राशि कट जाती है। इसके लिए ओटीपी भी नहीं आता है। बैंक उपभोक्ताओं को सावधानी रखनी चाहिए और अपने बैंक खाते से लिंक नंबर का प्रयोग सावधानी से करना चाहिए। साथ ही आनलाइन ठगों के झांसे में नहीं आना चाहिए और न ही किसी प्रकार के इनाम के लालच में आकर अपने मोबाइल पर आया ओटीपी व बैंक खाते से संबंधित अन्य जानकारी दूसरों को देनी चाहिए।

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