पूर्व सीएम रमन ने छत्तीसगढ़ के बाद उत्तराखंड में भी किया भाजपा का बंटाधार : कांग्रेस

रायपुर। उत्तराखंड के घटनाक्रम पर तंज कसते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत फटी जींस जितने दिन भी नहीं चल पाए। फटी जींस तीरथ सिंह रावत से ज्यादा चलती है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने तो छत्तीसगढ़ में तो भाजपा की नैया डुबोई ही, उत्तराखंड में प्रभारी के रूप में उन्होंने भाजपा का बंटाधार कर दिया। रमन छत्तीसगढ़ के बाद उत्तराखंड में भी असफल और भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित हुए।
त्रिवेदी ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर संकट के मामले के पीछे संवैधानिक कारण नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर का अंतर विरोध और भाजपा में पनप रहा परस्पर अविश्वास है। उत्तराखंड के घटनाक्रम के पीछे देश और प्रदेश की जनता में महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दाम, किसान विरोधी नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी के कारण भाजपा की केंद्र सरकार के प्रति बढ़ता हुआ असंतोष भी है।
सत्ता की चाशनी ने भाजपा को आपस में बांध कर रखा था, लेकिन उत्तराखंड में वो सत्ता की चाशनी अब समाप्त होने जा रही है। उत्तराखंड का घटनाक्रम भी मोदी सरकार के प्रति पूरे देश में धधक रहे असंतोष के ज्वालामुखी का परिणाम ही है।
जनप्रतिनिधित्व कानून का गलत फायदा उठा रही भाजपा: विकास
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के पास छोटे से राज्य के लिए भी सर्वमान्य चेहरा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 151ए का गलत फायदा उठाकर राज्य में अयोग्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री बनाकर जनता पर थोप रही है।
उत्तराखंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जो निर्धारित सीमा अवधि में चुनाव नहीं जीत सकते थे, इसलिए भाजपा ने उनसे इस्तीफा दिलवाया। रावत का इस्तीफा दिलाना भाजपा की कमजोरियों को उजागर करता है। भाजपा को पता था कि रावत के चेहरे के भरोसे अगला चुनाव नहीं जीता जा सकता। यह भाजपा की प्रजातांत्रिक हार है।






