ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह... भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, बिहार सरकार का बड़ा फैसला 'हम सरकार को पागल कर देंगे'— रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर ...
व्यापार

ऑटोमोबाइल कंपनियों की खुदरा बिक्री घटी, पिछले साल के मुकाबले 10.70 फीसदी की गिरावट

भारत में ऑटोमोबाइल कंपनियों की खुदरा बिक्री में कमी दर्ज की गई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि जनवरी 2021 के मुकाबले यह जनवरी 2022 में 10.70 प्रतिशत घट गई।  बता दें कि एफएडीए भारत में ऑटोमोबाइल खुदरा उद्योग का एक शीर्ष राष्ट्रीय निकाय है, जो पूरे भारत में 26,500 डीलरशिप का प्रतिनिधित्व करता है। तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों में क्रमश: 30 प्रतिशत और 20.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि दोपहिया वाहनों, पीवी और ट्रैक्टरों में क्रमशः 13 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एसोसिएशन ने कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी के कारण पैसेंजर व्हीकल्स (पीवी) की अनुपलब्धता लगातार समस्या पैदा कर रही है, जबकि कॉमर्शियल व्हीकल्स (सीवी) और विशेष रूप से भारी वाणिज्यिक वाहन (एचसीवी) अच्छा प्रदर्शन कर हैं।

ग्रामीण भारत में दोपहिया वाहनों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। पीवी इन्वेंट्री 8 से 10 दिनों के ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, जबकि दोपहिया वाहनों की इन्वेंट्री खतरनाक स्तर से घटकर 25 से 30 दिनों तक हो गई है। एफएडीए की ओर से कहा गया है कि 25,000 किलोमीटर के नए राजमार्ग विकसित करने की सरकार की योजना से भारत के बुनियादी ढांचे के खर्च में और वृद्धि होगी और वाणिज्यिक खंड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Related Articles

Back to top button