ब्रेकिंग
नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से तबाही: नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सरकार ने ज... कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में ... बिलासपुर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू; रायपुर, दुर्ग, गोंदिया होकर चलेगी ट्रे... रायपुर सेंट्रल जेल: रक्षाबंधन पर बंदियों से मिल सकेंगी बहनें; 100 ग्राम मिठाई की अनुमति, मोबाइल-पर्स... रायपुर में ₹16 लाख के सरकारी राशन का गबन: जोरा में राशन दुकान संचालक टोपेश्वर साहू गिरफ्तार, 389 क्व... छत्तीसगढ़ राज्य खेल अलंकरणों की घोषणा: 82 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिलेगा सम्मान मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला गरमाया: नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को लिखा पत्र सागर-रीवा-शहडोल संभाग में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; टीकमगढ़ में नाले उफान पर, भोपाल में सीजन कोटे क... इंदौर में रेलवे में TTE बनवाने के नाम पर चूड़ी कारोबारी से ₹18.50 लाख की ठगी: पत्नी और ससुराल पक्ष प... इंदौर के गाड़ी अड्डा क्षेत्र में अचानक धंसी सड़क: वाल्मीकि बस्ती में हुआ 20 फीट गहरा गड्ढा, वाहन चाल...
देश

आज रात चांद पर उतरेगा चंद्रयान-2: दुनियाभर की टिकी नजरें, ISRO में PM मोदी रहेंगे मौजूद

बेंगलुरुः ‘चंद्रयान-2′ का लैंडर ‘विक्रम’ शनिवार तड़के चांद की सतह पर ऐतिहासिक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ के लिए तैयार है और यह क्षण इसरो के वैज्ञानिकों के लिए ‘दिल की धड़कनों को थमा देने वाला’ होगा। भारत के लोग देश की इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष छलांग की सफलता के लिए प्रार्थना करने के साथ ही शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य राष्ट्रों की निगाहें भी इस मिशन पर टिकी हैं। सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ भारत को रूस, अमेरिका और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बना देगी। इसके साथ ही भारत अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय लिखते हुए चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला विश्व का प्रथम देश बन जाएगा।

पीएम मोदी भी रहेंगे मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्विज प्रतियोगिता के जरिए देशभर से चुने गए लगभग 60-70 हाईस्कूल छात्र-छात्राओं के साथ इस ऐतिहासिक लम्हे का सीधा नजारा देखने के लिए इसरो के बेंगलुरु केंद्र में मौजूद रहेंगे।

रात 1 से 2 बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए चलना शुरू करेगा  ‘विक्रम’
लैंडर ‘विक्रम’ शनिवार रात 1 से 2 बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा। ‘विक्रम’ अभी कक्षा में चंद्र सतह से इसके निकटतम बिन्दु लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है जहां से यह चांद की तरफ नीचे की ओर बढ़ना शुरू करेगा। इसरो ने कहा है कि ‘चंद्रयान-2′ अपने लैंडर को 70 डिग्री दक्षिणी अक्षांश में दो गड्ढों- ‘मैंजिनस सी’ और ‘सिंपेलियस एन’ के बीच ऊंचे मैदानी इलाके में उतारने का प्रयास करेगा।

नासा को भी इस पल का इंतजार
अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि प्रस्तावित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ दिलों की धड़कन थाम देने वाली साबित होने जा रही है क्योंकि इसरो ने ऐसा पहले कभी नहीं किया है। इसरो के अनुसार लैंडर में तीन वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं जो चांद की सतह और उप सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा, जबकि रोवर के साथ दो वैज्ञानिक उपकरण हैं जो चांद की सतह से संबंधित समझ में मजबूती लाने का काम करेंगे। इसरो के अनुसार चांद का दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र बेहद रुचिकर है क्योंकि यह उत्तरी ध्रुव क्षेत्र के मुकाबले काफी बड़ा है और अंधकार में डूबा रहता है। इसरो ने कहा है कि भारत के इस मिशन पर देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर की नजरें टिकी हैं। पूरी दुनिया में लोगों को भारत के इस मिशन के पूर्ण होने का उत्सुकता से इंतजार है। वहीं, नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेंजर ने कहा है कि भारत का दूसरा चंद्र मिशन न सिर्फ देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे ले जाने में मदद करेगा, बल्कि अंतत: चांद पर मानव की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने में उन सभी देशों की भी मदद करेगा जो अंतरिक्ष में जाने की क्षमता रखते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button