ब्रेकिंग
केरल के कोच्चि में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुना... आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने पैर में मारी गोली झारखंड के खूंटी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा— तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़े लोगों को कुचल, 10... महाराष्ट्र के जलगांव में एसीबी का बड़ा एक्शन— 10 हजार की घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, घर और लॉकर से न... देश के मौसम का हाल, उत्तर भारत में बढ़ी ठंड और दक्षिण के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भिंड में कमरे का फर्श धंसने से पलंग समेत 16 फीट गहरे गड्ढे में समाई महिला, सिंधिया रियासत के दौर से ... दिल्ली में दिवाली से पहले ही हवा हुई बेहद जहरीली, कई इलाकों में एक्यूआई 450 के पार— गंभीर श्रेणी में... या एसी, टीवी या फ्रिज खरीदते समय क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना सच में फायदेमंद है? जानिए इसके फायदे और... मुंबई के कांदिवली में बुजुर्ग महिला के साथ लूट, परिचित बनकर आया बदमाश गले से सोने की चेन छीनकर फरार उत्तरकाशी के केदारताल एवलांच में जान गंवाने वाली लखनऊ की दो सगी बहनों की दर्दनाक दास्तान, अंतिम सांस...
व्यापार

आखिर कौन लोग हैं जो OYO के IPO को मंजूरी न देने की कर रहे हैं मांग? सेबी से की है अपील

OYO IPO Delay: होटल एसोसिएसन ने फिर SEBI से कहा कि निवेशकों का पैसा डूब जाएगा, इसलिए आईपीओ को मंजूरी न दें. जानिए ये कहने के पीछे की वजह.

OYO IPO SEBI: फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने एक बार फिर शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी (SEBI) से हॉस्पिटैलिटी फर्म ओयो (OYO) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को मंजूरी नहीं देन की अपील की है. एसोसिएशन ने काहा कि सॉफ्टबैंक के निवेश वाली OYO को हाल के सालों में भारी घाटा हुआ है. ऐसे में उसे इस आईपीओ को लाने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए.

FHRAI ने ये भी कहा है कि ओयो को वित्त वर्ष 2021 में 3,943.84 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जिसका मतलब है कि कंपनी को हर मिनट 76,077 रुपये का नुकसान हुआ. दरअसल ओयो 2013 में लॉन्च हुई थी और तब से यह घाटे में चल रही है.

कंपनी को घाटा

कंपनी का टर्नओवर साल 2020 में 13,413 करोड़ रुपये था, जो साल 2021 में घटकर 4157 रुपये पर आ गया. एसोसिएशन ने सेबी से कहा कि OYO का IPO आम निवेशकों के पैसे डुबा देगा और पब्लिक ऑफर से सिर्फ इसके फाउंडर्स और मैनेजमेंट ही अमीर बनेंगे.

हालांकि ये पहली बार नहीं है. FHRAI ने इससे पहले भी अपर्याप्त खुलासे और कथित गलत आंकड़ों को लेकर OYO के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर आपत्ति जता चुकी है.

एसोसिएशन का तर्क

एसोसिएशन के वाइस-प्रेसिडेंट गुरबख्शसिंह कोहली ने कहा है कि कॉम्पिटीशन को खत्म करने वाले बिजनेस तरीकों को अपनाने के अलावा, OYO एक ऐसी कंपनी है जो अपने शुरुआत से ही घाटे में है. इसने भले ही निवेशकों से काफी पैसा जुटाए हों और इसके देश के सबसे होनहार स्टार्टअप के रूप में देखा जाता हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसने अपने कारोबार को जमीन पर प्रभावी तरीके से संभालने के लिए कुछ भी नहीं किया है.

उन्होंने ये भी कहा है कि OYO के पास ESOP (एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्रोग्राम) का भी सबसे अधिक भंडार है, जिसकी वैल्यू 1.1 अरब डॉलर बताई जताई है. यह हास्यास्पद है. कंपनी के खराब वित्तीय सेहत और घाटे के अलावा, यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया इसके खिलाफ कॉम्पिटीशन-विरोधी तरीके अपनाने को लेकर जांच कर रही है.

होटल का बकाया नहीं चुकाया है.

गुरबख्शसिंह कोहली ने ये भी दावा किया है कि आज की तारीख में, यह बताया गया है कि ओयो एक भी होटल नहीं चलाती है. होटलों का चलाना बंद कर दिया है और यह एक ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट तक सीमित हो गई है. हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ओयो को लेकर सजग है और इसकी आवाज के रूप में, FRHAI लोगों को सावधान करना चाहता है और सेबी से इसका IPO वापस लेने की अपील करता है.”

इस बीच ओयो ने बाजार में जारी अस्थिरता को देखते हुए फिलहाल अपने IPO लाने की योजना को आगे बढ़ा दिया है. ओयो ने पिछले साल अक्टूबर में मार्केट रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किया था.

Related Articles

Back to top button