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मध्यप्रदेश

स्वयं के उदाहरण से करें प्रस्तुत पानी बचाने की पहल : राज्यपाल पटेल

भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आहवान किया है कि पानी बचाने की पहल स्वयं का उदाहरण प्रस्तुत कर की जाए। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में अनेक अवसर पर जल की बचत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जल समृद्धता और संरक्षण के लिए वृक्षा-रोपण बहुत जरूरी है। पौधे लगाने के साथ ही पेड़ बनने तक उनकी देखभाल भी जरूरी है।

राज्यपाल श्री पटेल जिला प्रशासन बुरहानपुर द्वारा जल शक्ति अभियान एवं पानी एप के ई-लोकार्पण कार्यक्रम को राजभवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने पानी एप का डिजिटली लोकार्पण किया।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण पेयजल उपलब्धता का बहुत बड़ा स्रोत है। उन्होंने गुजरात का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ के कई जिले बारिश का पानी कुँओं में एकत्र कर, वर्ष भर पेयजल उपयोग के लिये करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तेजी के साथ जल समस्या बढ़ रही है, यदि उसे अभी नहीं रोका गया तो भविष्य में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। भावी पीढ़ी को भविष्य में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जल संकट की आशंका को पहचानते हुए, विश्व जल दिवस पर गत वर्ष जल शक्ति अभियान: “कैच द रेन” प्रकल्प शुरू कर, जहाँ भी जब भी वर्षा हो, उसका संरक्षण और अमृत सरोवर निर्माण के लिए संकल्पित होने की जरूरत बताई है। राज्यपाल ने कहा कि जल-संरक्षण का कार्य अकेले सरकार के प्रयासों से संभव नहीं हो सकता है। इसे जन-आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता और सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षा ऋतु में अपनी छत, मोहल्ला, खेत और गाँव में बरसने वाले पानी को संग्रहीत करने के प्रयास व्यापक स्तर पर किये जाये।

पशुपालन और सामाजिक न्याय मंत्री श्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है। जल-संरक्षण के लिए समाज को सचेत होना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से भू-जल का स्तर गिर रहा है, यदि उसे रोका नहीं गया तो भावी पीढ़ी के सामने जीवन की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के अमृत सरोवर बनाने के आहवान का उल्लेख करते हुए कहा कि तालाबों के निर्माण के लिए सरकार के साथ समाज को भी आगे आना होगा।

सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने जल-संरक्षण और जल-संरचनाओं के जीर्णोद्धार में समाज के सहयोग की अपेक्षा की। पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि पानी एप जल-संरक्षण प्रयासों में तकनीक का प्रभावी उपयोग है। बुरहानपुर की भौगोलिक विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जल समृद्धता के लिए व्यापक संभावनाएँ हैं।

कलेक्टर बुरहानपुर श्री प्रवीण सिंह ने कहा कि जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग की व्यवस्था जन-सहभागिता के साथ की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित सिसोदिया ने आभार माना।

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