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रविदास मंदिर मामला: चीफ जस्टिस के पास गया मामला, बेंच के गठन का लेंगे निर्णय

नई दिल्ली: तुगलकाबाद (Tughlakabad) स्थित रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण का मामला अब सुप्रीम के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पास सुनवाई के लिए भेज दिया गया है। जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पास भेजा है।

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Petition challenging the demolition of Sant Ravidas temple and seeking direction to worship there: The CJI bench of Supreme Court will allocated another bench for hearing in the case

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अब चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इसका निर्णय लेंगे कि कौन सी बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok Tanwar) और पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने सुप्रीम कोर्ट में मंदिर के पुननिर्माण के लिए याचिका दायर की थी। मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग करने वाली इस याचिका में कहा गया है कि पूजा का कर संवैधानिक अधिकार है। हमार संविधान हमें धर्म के प्रचार प्रसार की स्वतंत्रता भी देता है। मंदिर का पुनर्निर्माण कर मूर्ति की स्थापना की जानी चाहिए।

600 साल से भी ज्यादा पुराना है रविदास मंदिर
याचिका में कहा गया है कि मंदिर 600 साल से भी ज्यादा पुराना है, लिहाजा इस पर नए कानून लागू नहीं होते। याचिका में पूजा के अधिकार और अनुच्छेद 21ए का भी हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने कभी मंदिर तोडऩे का आदेश नहीं दिया, बल्कि उसे शिफ्ट करने की बात कही थी और जिस तरह से मंदिर को तोड़ा गया वह बड़ी साजिश का हिस्सा है।

डीडीए ने 10 अगस्त को ध्वस्त कर दिया था मंदिर
शीर्ष अदालत के आदेश पर ही गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त किया गया था। उसने गत नौ अगस्त को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को ढांचा गिराने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत के निर्देश पर कारर्वाई करते हुए डीडीए ने 10 अगस्त को मंदिर ध्वस्त कर दिया था।

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