ब्रेकिंग
कलेसर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, आम के बाग में घुसकर पेड़ों को पहुंचाया भारी नुकसान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अनिवार्य हुआ राज्य-गीत, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए ... 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में ख... रोहतक पुलिस का बड़ा अभियान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 60 चालान और 246 लोग डिटेन सोनीपत की रेलवे हाईराइज सोसायटी में दुखद घटना, 7वीं मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय युवती ने की खुदकुशी अंबाला में मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी, खुद ज्ञापन लेने बीच... मोहन लाल कौशिक बने 'हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज' (HBPE) के नए चेयरमैन, वित्त विभाग ने जारी... Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार... Fatehpur Road Accident News: सीएम योगी की VIP ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की भीषण हादसे में मौत, ... Hathras Copper Theft News: हाथरस में 52 लाख का कॉपर गबन! SOG और पुलिस ने गिरोह के 6 बदमाशों को दबोचा...
देश

लैंडर विक्रम से उम्‍मीदें हुई खत्म, अब गगनयान है ISRO का अगला मिशन: के सिवन

भारत के मून मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से दोबारा संपर्क स्थापित होने की उम्मीदें टूट गई हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन लगातार लैंडर से संपर्क करने के लिए सभी प्रयास करता रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई सफलता नहीं मिल पाई है। इसी बीच इसरो चीफ के सिवन ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 के लैंडर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऑर्बिटर काम कर रहा है।

सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर के चांद पर उतरने के 14 दिन पूरे हो चुके हैं। हम विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने में सफल नहीं हो पाए। लेकिन चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बिल्कुल सही और अच्छा काम कर रहा है। इस ऑर्बिटर में कुल आठ उपकरण लगे हैं। हर उपकरण का अपना अलग-अलग काम निर्धारित है। ये सभी उस काम को बिल्कुल उसी तरह कर रहे हैं जैसा प्लान किया गया था।

इसरो चीफ ने कहा कि जहां तक सवाल लैंडर का है तो हम उससे संपर्क नहीं कर पाए हैं। हमारी अगली प्राथमिकता गगनयान मिशन है । इसरो ने आठ सितंबर को कहा था कि ‘चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने लैंडर की थर्मल तस्वीर ली है, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद इससे अब तक संपर्क नहीं हो पाया। विक्रम के भीतर ही रोवर ‘प्रज्ञान बंद है जिसे चांद की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग को अंजाम देना था, लेकिन लैंडर के गिरने और संपर्क टूट जाने के कारण ऐसा नहीं हो पाया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button