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महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल रमेश बैस शनिवार को शपथ लेंगे 

मुंबई । महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल के रूप में रमेश बैस पदभार ग्रहण करेंगे और उनका शपथ ग्रहण समारोह 18 फरवरी शनिवार को दोपहर 12.40 बजे राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित किया जाएगा। पहले रमेश बैस आज शुक्रवार को शाम 5.45 बजे मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित गणमान्य व्यक्ति उनकी अगवानी करेंगे।

रमेश बैस का परिचय
नवनियुक्त राज्यपाल रमेश बैस तत्कालीन मध्य प्रदेश और वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में एक सम्मानित नाम हैं। संसदीय राजनीति सामाजिक सरोकार और संगठन कार्य में पांच दशकों के लंबे अनुभव के साथ श्री. बैस ने सार्वजनिक जीवन में नगरसेवक के पद से लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री और राज्यपाल के पद तक विभिन्न जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। 2 अगस्त 1947 को रायपुर (छत्तीसगढ़) में जन्मे रमेश बैस की शिक्षा रायपुर में हुई। वर्ष 1978 में वे पहली बार रायपुर नगर निगम में पार्षद चुने गए। वे 1980 से 1985 तक मध्य प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे। इस अवधि के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश विधानमंडल की बजट समिति के सदस्य और फिर पुस्तकालय समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया। वह 1982 से 1988 तक मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के राज्य मंत्री भी रहे। वर्ष 1989 में श्री बैस पहली बार रायपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। तब से वह छह बार यानी कुल सात बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं। वर्ष 1998 में रमेश बैस को प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में इस्पात और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। 1999 से 2004 की अवधि के दौरान उन्होंने पहले रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री और फिर सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2003 में श्री बैस को केंद्रीय खान मंत्रालय में राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार दिया गया और कुछ समय के लिए वे केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी रहे। अपने लंबे संसदीय करियर के दौरान श्री बैस पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर संसदीय समिति लोक लेखा समिति ऊर्जा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य कोयला और खान मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति नियम समिति आदि के सदस्य के रूप में भी काम किया है। 2009 से 2014 तक श्री बैस लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख प्रतिनिधि थे। 2014 से 2019 की अवधि के दौरान जब वे 16वीं लोकसभा के सदस्य थे तब वे सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष थे। श्री बैस ने विकलांग व्यक्तियों के साथ-साथ तृतीय पक्ष (ट्रांसजेंडर) व्यक्तियों के लिए अधिकार और सुरक्षा विधेयक के संबंध में व्यापक शोध और अध्ययन किया है। वर्ष 2019 में श्री बैस को राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया। वह 29 जुलाई 2019 से 13 जुलाई 2021 तक त्रिपुरा के राज्यपाल रहे। फिर उन्हें 14 जुलाई 2021 को झारखंड के राज्यपाल के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। नवनियुक्त राज्यपाल श्री. बैस को समाज सेवा का शौक है और उन्होंने अक्सर स्वास्थ्य शिविर नेत्र जांच शिविर और साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है। श्री बैस छत्तीसगढ़ तीरंदाजी ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे मध्य प्रदेश बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र को अपने राज्यपाल के रूप में ऐसे बहुमुखी व्यक्तित्व का लाभ प्राप्त होगा।

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