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NEET Paper Leak Case: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से मास्टरमाइंड डॉक्टर गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

नई दिल्ली/रोहतक: NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) और केंद्रीय एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे एक डॉक्टर को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास से हिरासत में लिया गया है। आरोपी पर पेपर लीक गिरोह का मुख्य सरगना होने और परीक्षार्थियों को उत्तर रटवाने का आरोप है।

खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उस समय दबोचा जब वह अपनी लोकेशन बदलने की कोशिश कर रहा था।  जांच में सामने आया है कि इस डॉक्टर के तार बिहार, राजस्थान और हरियाणा के सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए हैं। यह आरोपी पेपर लीक करने के बाद अभ्यर्थियों को ‘सुरक्षित ठिकानों’ पर ले जाकर पेपर सॉल्व करवाने का जिम्मा संभालता था। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि एक-एक छात्र से पेपर के बदले 30 से 50 लाख रुपये की डील की गई थी।

इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक ओर एजेंसियां दोषियों पर शिकंजा कस रही हैं, वहीं लाखों छात्र परीक्षा के भविष्य और री-एग्जाम की संभावनाओं को लेकर असमंजस में हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। पुलिस अब आरोपी डॉक्टर के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदार लोगों और कोचिंग संस्थानों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

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