ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह... भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, बिहार सरकार का बड़ा फैसला 'हम सरकार को पागल कर देंगे'— रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर ...
राजस्थान

बच्चे के पिता ने सरकार से मांगी थी मदद, 16 करोड़ के इंजेक्शन न मिलने से बच्चे की मौत

नागौर में एक दो साल का मासूम दुर्लभ बीमारी से पीड़ित था। उसके इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत थी। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक न हो पाने की वजह से वो उसका इलाज करा पाने में सक्षम नहीं था। बताया जा रहा है कि बच्चे के पिता ने इलाज के लिए सरकार से लेकर कोर्ट तक मदद की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने बच्चे के इलाज को लेकर आदेश भी जारी किया था, बावजूद उसका इलाज नहीं हो सका। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को इलाज के संबंध में आदेश भी जारी किया था। इस दुर्लभ बीमारी के लिए 16 करोड़ तक का टैक्स भी माफ कर दिया गया था। बावजूद इसके इंजेक्शन का इंतजाम नहीं हो सका और बच्चे का इलाज नहीं हो पाया और उसकी मौत हो गई।

बच्चे के पिता शैतान सिंह की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह खुद इतने रुपयों का इंतजाम कर पाए। अपने बच्चे की जान बचाने के लिए उसने सरकार से कई बार गुहार लगाई। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मदद के लिए पत्र भी लिखा था।इस दुर्लभ बीमारी में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। बच्चा स्तनपान नहीं कर पाता और धीरे-धीरे अंग काम करना बंद कर देते हैं। मासूम बच्चा नौ महीने से जयपुर में भर्ती था। उसके शरीर में प्रोटीन नहीं बन रहा था। वह कुछ खा नहीं पा रहा था। इस बीमारी के इलाज में जोलोन्स्म्मा इंजेक्शन की जरूरत होती है। इस इंजेक्शन की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है।

Related Articles

Back to top button