ब्रेकिंग
Sudivya Kumar Sonu Shradh: 'जेएमएम के लिए अपूरणीय क्षति'; सुदिव्य सोनू के श्राद्ध कर्म में भावुक हुए... Chhattisgarh Shramik Yojana: ई-बाइक और ई-रिक्शा पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी; सीएम विष्णुदेव साय ने की 3 ब... Chhattisgarh Wild Bear Terror: लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े भालू; धमतरी में फैली दहशत, वन वि... Dhamtari Ganeshotsav: धमतरी में बप्पा का अलौकिक रूप! 20 फीट लंबी 'शयन मुद्रा' में विराजे लेटे हुए गण... PM Modi Birthday CG: जीपीएम से लेकर सुकमा तक हलचल! छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सेवा कार्यों पर कांग्रेस ... Bastar News Update: बस्तर में दीपोत्सव बना सियासी अखाड़ा, जगदलपुर में कांग्रेस-भाजपा के बीच धक्का-मु... Durg Chunav News: जामुल नगर पालिका के किस वार्ड से कौन लड़ सकेगा चुनाव? आरक्षण के बाद भाजपा-कांग्रेस... Durg Jail Search Operation: कैदियों तक कैसे पहुंचे मोबाइल और कैंची? दुर्ग जेल रेड के बाद कॉल डिटेल ज... Faridkot Arms Racket: पाकिस्तान ड्रोन लिंक और जेल से जुड़े तार; फरीदकोट में भारी मात्रा में अवैध असल... Mohali Court News: विक्की मिड्डूखेड़ा मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई; मोहाली कोर्ट ने गुगनी के खिलाफ तय...
देश

पूरी तरह सुरक्षित है CoWIN पोर्टल डेटा लीक की खबरें शरारतपूर्ण – स्वास्थ्य मंत्रालय

CoWIN Data Leak: केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय का CoWIN पोर्टल डेटा, गोपनीयता के पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह से सुरक्षित है। सरकार ने COVID टीकाकरण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के डेटा लीक की मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए उन्हें शरारतपूर्ण कार्रवाई बताया है। बयान में कहा गया है कि इन रिपोर्टों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविन पोर्टल से डेटा के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जो पूरी तरह गलत है। COWIN को डेवलप करनेवाली टीम ने भी इसकी पुष्टि की है कि ये कोई भी सार्वजनिक API नहीं है जहाँ से बिना OTP के डेटा निकाला जा सके।

मीडिया में मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Telegram पर CoWIN ऐप पर मौजूद यूजर्स के Aadhaar और पैन कार्ड की डीटेल्स सार्वजनिक हो चुकी है। इसके स्क्रीनशॉट दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल हो रहे हैं। इन स्क्रीनशॉट में विपक्षी पार्टियों के बड़े नेता और पत्रकारों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि कुछ तकनीकी खराबी के बाद CoWIN ऐप पर मौजूद यूजर्स की निजी जानकारी ऑनलाइन लीक हो गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान

स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया है कि टेलीग्राम (ऑनलाइन मैसेंजर एप्लिकेशन) BOT का उपयोग करके टीका लगवाने वाले व्यक्तियों के व्यक्तिगत डेटा लीक किया जा रहा है। बयान के अनुसार, यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी सभी खबरें निराधार और शरारतपूर्ण प्रकृति की हैं। डेटा गोपनीयता के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय का CoWIN पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित है। सरकार के मुताबिक बिना ओटीपी के, किसी लाभार्थी के डेटा को किसी भी बीओटी के साथ साझा नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा वयस्क टीकाकरण के लिए केवल जन्म का वर्ष (YOB) दर्ज किया जाता है, लेकिन मीडिया पोस्ट में BOT में जन्म तिथि (DOB) का भी उल्लेख है। इससे फर्जीवाड़ा का संदेह पक्का हो जाता है।

सरकार ने उठाये कदम

हेल्थ मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले पर CERT-In ने तुरंत रिएक्ट किया और सभी DATA को रिस्टोर किया गया है। इस मामले की जांच शुरू की जा चुकी है। CERT-IN ने उस Bot को बंद कर दिया, जिससे CoWIN ऐप का Application Programming Interface (API) लीक हुआ है। CoWIN ऐप पर मौजूद सभी API को हेल्थ मिनिस्ट्री और CERT-IN द्वारा लॉक कर दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने CERT-IN से इस मुद्दे को देखने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, CoWIN के मौजूदा सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक आंतरिक प्रयास शुरू किया गया है।

Related Articles

Back to top button