ब्रेकिंग
Jamui Minor Girl Harassment Case: पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए जमुई कांड के आरोपी नंदन और हरेराम, अब त... Jitan Ram Manjhi on Jamui Case: 'सम्राट की सरकार किसी को बख्शेगी नहीं', जमुई एनकाउंटर पर बोले HAM सं... Jharkhand News: 'घरजमाई बनना व्यक्तिगत पसंद'; हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रखा बरकरार, जानिए पू... Rubella Outbreak Alert: जर्मन खसरा (रूबेला) की दस्तक से झारखंड में हड़कंप; रांची NHM में बना वार रूम... Jharkhand Crime: पाकुड़ में ग्राम प्रधान की बेरहमी से हत्या; टोना-टोटका के शक में रिश्तेदार ने टांगी... Ambedkar Nagar News: अंबेडकर नगर भूमाफिया बुलडोजर कांड; शासन तक पहुंची गूंज, पुलिसकर्मियों पर गिरी ग... Saharanpur BJP News: सहारनपुर में दलित कार्यकर्ता के घर पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नबीन; अजब सिंह के स... BJP Campaign Strategy UP: जाति बनाम ध्रुवीकरण: यूपी में क्यों बढ़ी बीजेपी-संघ की चिंता? नितिन नबीन औ... HP High Court News: लंबे समय तक साथ रहने के आधार पर दूसरी पत्नी को नहीं कर सकते पेंशन से वंचित: हाईक... Kullu News: आनी उपमंडल में भीषण सड़क हादसा! अनियंत्रित ऑल्टो कार खाई में गिरी; जाबोड़ा गांव के 4 युवक...
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के 10 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मात्रा अधिक बीमारी का बढ़ा खतरा

भोपाल। मध्य प्रदेश के 10 जिलों के कई क्षेत्रों के भूजल में यूरेनियम नामक तत्व की मात्रा अधिक मिली है। इससे इस पानी का पेयजल के रूप में प्रयोग होने से लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। यूरेनियम की अधिक मात्रा वाला पानी पीने से लोगों में किडनी, लिवर खराब होने और कैंसर होने की आशंका बढ़ गई है।

ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र के भूजल में यूरेनियम की मात्रा सबसे अधिक मिली है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अधिकारियों का यह भी कहना है कि भूजल में यूरेनियम की अधिक मात्रा होने पर वन्यजीव भी प्रभावित होंगे। अधिकारियों के अनुसार भूजल में यूरेनियम प्रदूषण की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में गहन और व्यवस्थित अध्ययन किया जाना प्रस्तावित है।

मध्य प्रदेश के भूजल में यूरेनियम से प्रदूषण के संदर्भ में अंतिम निष्कर्ष गहन और व्यवस्थित अध्ययन पूर्ण होने के बाद ही लिया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी नहीं करता यूरेनियम की जांच विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय नियामक एजेंसियों ने पीने के पानी में यूरेनियम के लिए 30 माइक्रोग्राम प्रति लीटर का मानक निर्धारित किया है।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल नहीं करता परीक्षण

हालांकि भारत मानक ब्यूरो द्वारा तैयार किए गए देश के राष्ट्रीय पेयजल मानकों में यूरेनियम शामिल नहीं है। राज्य का प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी भूजल में यूरेनियम की मात्रा का परीक्षण नहीं करता है। प्रदेश में पानी में फ्लोराइड की अधिकता वाले 15 जिले प्रदेश में पानी में फ्लोइराइड की अधिकता वाले 15 जिले हैं। यहां राष्ट्रीय फ्लोराइड नियत्रंण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इतनी मात्रा हो जाती है सेहत के लिए घातक

पानी में 1.1 पीपीएम यानी पार्ट पर मिलियन मात्रा फ्लोराइड की पाए जाने पर वह मानव शरीर के लिए हानिकारक हो जाती है। इससे खास तौर पर बच्चों के दांत और हड्डियों में फ्लोरोसिस नामक बीमारी हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे ही प्रभावित हो रहे हैं।

इन जिलों के भूजल में मिला अधिक यूरेनियम

रायसेन

औबेदुल्लागंज ब्लाक का मेंडवा

51.323

सिवनी

केवलारी का धांगड़ा

203.303

सिवनी

कुरई ब्लाक का खवासा

61.394

शिवपुरी

पिछोर ब्लाक का डोला

79.072

Related Articles

Back to top button