ब्रेकिंग
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्... सीएजी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बोला तीखा ... प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' सभा, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और अमित शाह पर बोला तीखा... पूर्णिया में कोहराम: दो हादसों में 5 बच्चों की डूबने से मौत, कसबा में 3 सगे भाई और बायसी में 2 चचेरी... हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव ट...
देश

बिलकिस बानो केस में SC का बड़ा फैसला, 11 दोषियों की रिहाई का आदेश किया रद्द

नई दिल्ली। चर्चित बिलकिस बानो केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनया जा रहा है। मामला दोषियों की जल्द रिहाई का है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 11 दिन की सुनवाई के बाद दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर पिछले साल 12 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले की शुरुआत में कहा कि दोषियों को सजा इसलिए दी जाती है, ताकि आगे अपराध रुकें।

क्या हुआ था बिलकिस बानो के साथ

  • 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।
  • बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और गुजरात सरकार को 16 अक्टूबर तक 11 दोषियों की सजा में छूट संबंधी मूल रिकार्ड जमा करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में मामले की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या दोषियों को माफी मांगने का मौलिक अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार से कहा था कि राज्य सरकारों को दोषियों को सजा में छूट देने में चयनात्मक रवैया नहीं अपनाना चाहिए और प्रत्येक कैदी को सुधार तथा समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

Related Articles

Back to top button