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Nirbhaya case : फांसी से बचने के लिए SC पहुंचा पवन, क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल

नई दिल्ली। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा पाए चारों दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की है। याचिका में दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है।

तिहाड़ में फंदे की रस्सी की रोजाना हो रही जांच

पटियाला हाउस कोर्ट द्वार निर्भया के दोषियों के लिए जारी डेथ वारंट के अनुसार तीन मार्च को सुबह छह बजे उन्हें फांसी पर लटकाया जाना है। जेल सूत्रों का कहना है कि अभी फांसी को लेकर तैयारी इस तरह की जा रही है कि इसकी भनक दोषियों को न लगे। फांसी प्लेटफॉर्म की सफाई रोजाना हो रही है। फंदे की रस्सी को जिस बक्से में रखा गया है उसे प्रतिदिन देखकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रस्सी में फफूंद या कोई अन्य समस्या तो नहीं है।

बता दें कि रस्सी को नरम करने के लिए बटर या पके केले का इस्तेमाल किया जाता है। फंदे की कुछ रस्सी ऐसी भी है जिनपर पूर्व में ट्रायल के दौरान बटर का इस्तेमाल किया गया था, इनपर फफूंद लगने की आशंका रहती है।

पूर्व में उपयोग में आए फंदे की रस्सी का इस्तेमाल आने वाले समय में ट्रायल के दौरान किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि आशंका है कि यदि दोषियों को फांसी से जुड़ी तैयारी की भनक लगी तो उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। ऐसे में जेल प्रशासन अभी किसी प्रकार का कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सूत्रों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी भी रोजाना एक बार फांसी घर परिसर का जायजा लेते हैं ताकि यदि कहीं कोई जरूरी कार्य कराना हो तो उसे तत्काल कराया जा सके। बता दें कि फांसी घर से कुछ ही दूरी पर निर्भया के दोषियों को सेल में रखा गया है लेकिन सेल ऐसी जगह पर हैं जहां से फांसी घर देखना संभव नहीं है। हालांकि, कुछ सेल ऐसे भी हैं जो फांसी घर के बिल्कुल पास हैं। यहां से फांसी घर आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि, अभी तक निर्भया के दोषियों को इस सेल में नहीं रखा गया है।

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