ब्रेकिंग
Bihar Madrasa Inspection: बिहार में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का होगा भौतिक सत्यापन; शिक्षा विभाग... Rewa Crime News: शव वाहन में हो रही थी बकरियों की तस्करी; रीवा पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, ड्रा... Jabalpur Lokayukta Action: जमीन सीमांकन के बदले 80 हजार की घूस लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार; लोकायु... Ujjain-Jhalawar Fourlane: सिंहस्थ-2028 से पहले बदलेगी उज्जैन-राजस्थान की राह; 2721 करोड़ के फोरलेन प... Bhopal Fraud News: पुराने नोट बेचने के चक्कर में महिला ने गंवाए 1.91 लाख रुपये; जानें कैसे ठगों ने ब... Ujjain Development News: महाकाल महालोक के बाद बदली उज्जैन की तस्वीर; आध्यात्मिक राजधानी से अब 'विकास... MP Tax Evasion: कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर लगाम; एमपी सरकार का नया डिजिटल मॉड्यूल, अब नागरिक सीधे कर... Tvisha Sharma Death Case: भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की गुत्थी; सीबीआई क्राइम सी... Morena News: हाथ बांधकर नदी में कूदा प्रेमी युगल; सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, जानें क्या है पूर... MP Transport News: मध्यप्रदेश में अब 7 क्षेत्रों में होगा बस संचालन; मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की...
धार्मिक

स्कंद षष्ठी व्रत का इस विधि से करें पारण, जीवन में बनी रहेंगी खुशियां!

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी के व्रत का विशेष महत्व है. स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान शिव के बड़े बेटे भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाता है. जो भी स्कंद षष्ठी का व्रत करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. ये व्रत महिलाएं संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए भी करती हैं.

स्कंद षष्ठी के व्रत का पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में विधि विधान से किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि अगर इस व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में और विधि विधान से नहीं किया गया तो स्कंद षष्ठी का व्रत करने वालों को उसका फल प्राप्त नहीं होता. ऐसे में आइए जानते हैं कि स्कंद षष्ठी का व्रत का पारण किस विधि से करना चाहिए.

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की षष्ठी तिथि सोमवार 3 फरवरी यानी आज सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर शुर हो चुकी है. इस तिथि का समापन कल 4 फरवरी को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, माघ महीने में स्कंद षष्ठी का व्रत आज ही है. कल सूर्योदय के बाद स्कंद षष्ठी के व्रत का पारण किया जाएगा.

ऐसे करें स्कंद षष्ठी के व्रत का पारण

स्कंद षष्ठी व्रत का पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में करना चाहिए. प्रात: काल स्नान के बाद पहले भगवान कार्तिकेय की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए. इसके बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए. पूजा के बाद व्रत का पारण करना शुभ माना गया है. व्रत का पारण करने के बाद क्षमतानुसार, गरीबों और जरूरतमंद लोगों को अन्न धन और वस्त्रों का दान करना चाहिए. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने वालों को उनके काम में सफलता मिलती है. साथ ही जाीवन में सुख-शांति रहती है.

स्कंद षष्ठी के व्रत का महत्व

स्कंद षष्ठी के दिन जो भी विधि-विधान से व्रत और पूजन करते हैं उन पर भगवान कार्तिकेय विशेष कृपा करते हैं. स्कंद षष्ठी का व्रत करने से संतान प्राप्ति और उनकी लंबी आयु तो होती ही है. इसके अलावा शनि दोष से छुटकारा मिल जाता है. साथ ही जीवन की तमाम परेशानियों का अंत हो जाता है. हर काम में सफलता प्राप्त होती है.

Related Articles

Back to top button