ब्रेकिंग
Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र... जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव का बड़ा दावा: 'अगर सुभाष चंद्र बोस के हाथ में होती कांग्रेस की कमान, तो क... Gwalior News: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश; मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर 2 ल... Mandala Crime: शादीशुदा प्रेमिका के घर पिस्टल लेकर घुसा सनकी आशिक, दुष्कर्म के बाद पुलिस की गाड़ी को... टी20 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी! नागपुर में जीत के बाद भी क्यों डरे हुए हैं भारतीय फैंस? फील्डिं... Gaza Peace Deal: हमास छोड़ेगा हथियार और लड़ेगा चुनाव! अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील, फिलिस्तीन की ...
हरियाणा

हरियाणा में भूकंप के झटकों से नींद से जगे लोग, सोनीपत रहा केंद्र

हरियाणा के सोनीपत में शुक्रवार देर रात करीब एक बजकर 47 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई. जैसे ही झटके महसूस हुए कुछ लोग नींद से अचानक जाग गए और घरों से बाहर निकल आए.

इसका केंद्र सोनीपत में 28.99 उत्तरी अक्षांश और 76.97 पूर्वी देशांतर पर बताया गया है और इसकी गहराई 10 किलोमीटर बताई जा रही है. जानकारों के मुताबिक ये भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों में आता है. यहां छोटे-छोटे भूकंप आना आम बात है. अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

दिल्ली-NCR में बार-बार भूकंप आने की क्या है वजह?

दिल्ली-NCR में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं. बता दें कि ये इलाका सिस्मिक जोन-4 में आता है, जिसे मीडियम से हाई जोखिम वाला भूकंप क्षेत्र माना जाता है. दिल्ली NCR हिमालयी टकराव क्षेत्र से महज 250 किलोमीटर दूर है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं.

प्लेट्स के टकराव से लगातार ऊर्जा जमा होती है, जो समय-समय पर भूकंप में के रूप में बाहर आती है. दिल्ली के आसपास कई सक्रिय भ्रंश रेखाएं (फॉल्ट लाइन्स) मौजूद हैं, जिनमें दिल्ली-हरिद्वार रिज, सोहना फॉल्ट, महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट, और यमुना रिवर लाइनमेंट शामिल हैं.

भूकंप की तिव्रता कैसे मापी जाती है?

किसी भी भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल द्वारा मापी जाती है. जिसे इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल के नाम से जाना जाता है. रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है. सोनीपत में आए भूकंप की तिव्रता 3.4 थी. 3 से 5 तिव्रता वाले भूकंप मीडियम रेंज भूकंप होते हैं, जबकि 6 से ऊपर के भूकंप खतरनाक होते हैं और भारी तबाही मचा सकते हैं.

Related Articles

Back to top button