दुर्ग में फायरिंग, भाई की हत्या का बदला लेने बाहर से बुलाए शूटर, 6 गिरफ्तार
दुर्ग: जिले के जामुल थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को हुई गोलीबारी के मामले का खुलासा दुर्ग पुलिस ने कर दिया है. इस वारदात में शामिल मास्टर माइंट सहित 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
भाड़े के शूटर बुलाकर युवक की जान लेने की कोशिश: दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि 14 नवंबर की शाम करीब 6.30 बजे की घटना है. जामुल के घासीदास नगर स्थित ईदगाह के सामने संतोषी पारा कैम्प – 2 में रहने वाले विकास प्रजापति को अज्ञात व्यक्ति ने बर्थडे इवेन्ट मैनेजमेंट का काम देने के नाम पर फोन कर बुलाया. विकास प्रजापति ईदगाह के पास कॉल करने वाले व्यक्ति का इंतजार कर रहा था. तभी मोटर साइकिल में दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और विकास को “तुम शिवम साव की हत्या में शामिल थे, कहकर” जान से मारने के लिए पिस्टल से फायरिंग की. गोली विकास के दाहिने कान के पास से गुजरते हुए निकल गई.
भिलाई दुर्ग में यूपी बिहार जैसा क्राइम: फायरिंग के बाद दोनों अज्ञात आरोपी मोटर साइकिल से भाग गये. इस घटना के तुरंत बाद विकास प्रजापति जामुल थाना पहुंचा और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. दुर्ग पुलिस ने मामले में धारा 109 (1) बीएनएस के तहत प्रकरण अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की.
दुर्ग पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार: दुर्ग पुलिस की जांच में पता चला कि दिसंबर 2024 में हुए शिवम साव हत्याकांड में 5 आरोपी जेल भेजे गए थे. इसी हत्या का बदला लेने के लिए शिवम के चचेरे भाई करण साव ने बिहार शरीफ से भाड़े के शूटर बुलवाए थे. उन्हें गाड़ी, बाइक और सिम कार्ड उपलब्ध करवाए गए थे. इसी षडयंत्र के तहत 14 नवंबर को विकास प्रजापति की हत्या की कोशिश की गई. पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल करण साव, उसका भाई ऋषभ साव, बड़े पापा संजय साव, चाचा संतोष साव, बड़े पापा विनय कुमार साव, दोस्त सुमीत कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है. मुख्य शूटरों की तलाश में पुलिस की विशेष टीम दबिश दे रही है. बता दें विकास प्रजापति का नाम शिवम साव हत्याकांड में था.






