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मध्यप्रदेश

‘मेरा सौभाग्य है कि ऊपर से बुलावा आया’, महाकाल मंदिर पहुंचकर बोले मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति

उज्जैन: मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन शुक्रवार को उज्जैन दौरे पर पहुंचे. यहां बाबा महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लेने वे मंदिर पहुंचे. भगवान श्री महाकालेश्वर की भोग आरती में शामिल होकर आशीर्वाद लिया. नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने शिव साधना की. इसके बाद मंदिर के गर्भ गृह के द्वार से माथा टेक आशीर्वाद लिया.

मंदिर प्रबंध समिति ने किया सम्मान

मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस एन सोनी एवं सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने स्वागत सम्मान किया. वहीं पूजन पुजारी आकाश गुरु द्वारा संपन्न करवाया गया. दर्शन कर पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने अपना अनुभव साझा किया. दर्शन के बाद मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन सम्मान कार्यकम में सम्राट विक्रामादित्य विश्वविद्यालय पहुंचे.

पूर्व राष्ट्रपति ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद

मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने कहा “मेरा सौभाग्य है कि ऊपर से बुलावा आया और मैं मंदिर पहुंचा. यहां भगवान से आशीर्वाद लिया. यहां की व्यवस्थाएं देखीं. कई निर्माण कार्य हुए हैं, सुविधाजनक बदलाव मंदिर में हुए. मन्दिर के कर्मियों से कहा आप सभी जो यहां काम कर रहे हैं, सेवा दे रहे हैं, ये आपने नहीं चुना है बल्कि आपको महाकाल ने चुना है यहां भक्तों की सेवा के लिए. इसलिए अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाइये. आने वाले 2 साल बाद सिंहस्थ महाकुंभ है वो भी अच्छे से सम्पन्न हो यही मंगलकामना है.

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में हुए शामिल

दर्शन के बाद मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय पहुंचे. जहां स्वर्ण जयंती सभागार में विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने स्वागत किया. सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में विशेष सम्मान समारोह कार्यक्रम रखा गया था. मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति के आगमन पर कार्यक्रम में शहर के शिक्षाविद, शोधकर्ता, छात्र एवं छात्राएं मौजूद रहे.

रोज पहुंचते हैं हजारों भक्त

आपको बता दें कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकाल मंदिर लाखों करोड़ों भक्तो की आस्था का खास केंद्र है. हर रोज हजारों लाखों भक्त बाबा के दर्शन को उज्जैन पहुंचते हैं. उसी क्रम में नेता, अभिनेता, खिलाड़ी भी शामिल होते हैं. हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन लाभ लिए थे. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी एवं भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए थे.

भारत और मॉरीशस के बीच आर्थिक और सामाजिक रिश्ते

मॉरीशस की आबादी का एक बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है. भारत और मॉरीशस के संबंध रणनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक सहयोग पर आधारित हैं. भारत, मॉरीशस का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है. दोनों देश रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल सहयोग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं. ये संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी मजबूत होते हैं. 2021 में भारत ने मॉरीशस के साथ पहला व्यापार समझौता, व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौता किया है. मॉरीशस भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के प्रमुख स्रोतों में से एक है. दोनों देशों ने यूपीआई और रुपे को लॉन्च किया है.

दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध बहुत सहयोगात्मक है. भारत ने रक्षा उपकरण और बुनियादी ढांचे के लिए मॉरीशस को ऋण सहायता प्रदान की है. समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए मॉरीशस को एक डोर्नियर विमान और एक फास्ट इंटरसेप्टर बोट उपहार में दी है. दोनों देशों के बीच गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है. भारत, मॉरीशस में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहायता प्रदान करता है. पर्यटन के लिए भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं. जिसमें भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश शामिल है.

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