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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन लाइटिंग स्टाफ की मौत

दुर्ग: नए साल के पहले रविवार को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर एक दुखद घटा घटी है. यहां मालगाड़ी की चपेट में आने से एक रेलवे टेक्नीशियन की मौत हो गई. रेलवे कर्मी जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार कर रहा था तभी यह हादसा हुआ. इस घटना के बाद दुर्ग के रेलवे कर्मचारियों में शोक का मौहाल है.

कैसे हुआ हादसा ?

दुर्ग में हुए इस दर्दनाक हादसे में मारे गए रेलवे कर्मी की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है. वह रेलवे में ट्रेन लाइटिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत था. रविवार को सुबह वे ड्यूटी पर जा रहे थे. इस दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी को पार करने का फैसला किया.

अजय कुमार शॉर्टकर्ट के चक्कर में ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे से दूसरी तरफ जाने लगे. जैसे ही अजय कुमार मालगाड़ी के पहियों के बीच पहुंचे, बिना किसी पूर्व चेतावनी या अंदेशे के ट्रेन अचानक चल पड़ी. ट्रेन की गति पकड़ते ही अजय को संभलने का मौका नहीं मिला और वे भारी पहियों की चपेट में आ गए. यह हादसा इतना वीभत्स था कि उनका शरीर दो हिस्सों में कट गया और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई.

हादसे से रेलकर्मियों में शोक की लहर

इस हादसे से रेल कर्मियों में शोक की लहर फैल गई है. हादसे की सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर दुर्ग और जीआरपी (GRP) दुर्ग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को ट्रैक से बाहर निकाला और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस घटना के कारण कुछ समय के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.

दुर्ग जीआरपी ने शुरू की जांच

इस हादसे के बाद दुर्ग जीआरपी ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जीआरपी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ट्रेन चलने से सिग्नल और हॉर्न दिया गया था या यह मानवीय चूक का मामला है.

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