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चमकी बुखार के कारण बिहार में अब तक 65 से अधिक बच्चों की हुई मौत

बिहारः  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में दिमागी बुखार की चपेट में अने के कारण बच्चों के मरले की संख्या लगातार बढ़ती जा रही। अगर बात करें केवल इस महीने की तो अब तक 66 बच्चों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार ये मौतें हाइपोग्लीसेमिया की वजह से हुई हैं। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे हाइपोग्लीसेमिया के शिकार हुए हैं, यह ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर बहुत घट जाता है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित हो जाते हैं। मुजफ्फरपुर के दो सरकारी अस्पतालों में 66 बच्चों की मौत हुई जिनमें से एक अस्पताल का स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने दिन में दौरा किया था। जिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक शुक्रवार को शाम छह बजे तक श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में छह बच्चों और केजरीवाल अस्पताल में तीन बच्चों की मौत हो गई थी।

तीन अन्य बच्चों की मौत की खबर बाद में आई। एसकेएमसीएच में 55 और केजरीवाल अस्पताल में 11 बच्चों की मौत हुई है। एसकेएमसीएच में जिन नौ बच्चों का इलाज चल रहा है उनकी हालत गंभीर है। साथ ही बताया गया कि केजरीवाल अस्पताल में पांच बच्चों की हालत नाजुक है। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों एवं अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि शुक्रवार से छह और एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी और 100 बेड वाले नये वार्ड का संचालन जल्द ही शुरू किया जाएगा। पांडे ने कहा कि बीमारी को रोकने के लिए लोगों में जागरुकता फैलाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही संबंधित अधिकारियों को प्रभावित जिलों में बचाव कार्य का निर्देश दे चुके हैं। साथ ही डॉक्टर भी लोगों को बुखार प्रति जागरुक कर रहे हैं। जो कि बुखार में अब किसी और मासूम की जान न चली जाए।

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