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7 लाख परिवारों को नहीं मिल रहा राशन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल ने सीएम हेमंत सोरेन से मांगा जवाब

गिरिडीह। भाजपा विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि ऐसे 6.97 लाख परिवार हैं जिन्हें लॉकडाउन में राशन नहीं मिल रहा है। ये ऐसे परिवार हैं जिन लोगों ने राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। इस मसले पर सरकार का स्पष्ट आदेश नहीं है। इसी कारण ऐसे परिवारों को राशन देने में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार टाल मटोल कर रहे हैं। सरकार को इस मसले पर सभी उपायुक्त को स्पष्ट दिशा निर्देश देना चाहिए। दीदी किचेन जरूर खोले गये हैं। महज 10 से 20 लोगों को भोजन देने के बाद दीदी किचेन बंद हो जा रहे हैं। लोग परेशान हैं।

हेमंत सोरेन को भेजे गये पत्र में मरांडी ने लिखा है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदनकर्ता का नाम, पता एवं डीलर का भी नाम अंकित है। संबंधित विभाग से मंगाकर मुख्यमंत्री इसे देख सकते हैं। राशन वितरण की व्यवस्था की समीक्षा के लिए निरीक्षण दल का भी गठन किया जाना चाहिए। मरांडी ने माओवाद प्रभावित पीरटांड़ प्रखंड के हालात को बतौर उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि पीरटांड़ प्रखंड के 1668 परिवारों ने राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। आवेदन में पीडीएस दुकानदार का नाम भी अंकित है। पीडीएस दुकानदार न तो उन्हें राशन दे रहे हैे और न ही दीदी किचन से उन्हें भोजन मिल रहा है। पीरटांड़ के दीदी किचेन में महज दस से बीस लोगों को भोजन दिया जा रहा है। उसके बाद किचेन बंद। दूरदराज से पैदल आने वाले गरीबों को भी भूखे लौट जाना पड़ रहा है। वहां भुखमरी की स्थिति है। पीरटांड़ की तरह पूरे राज्य की हालत है।

मरांडी ने लॉकडाउन में राशन से वंचित लोगों को तुरंत राहत मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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